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भारतीय रिज़र्व बैंक ने यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नगीना पर मौद्रिक दंड लगाया

12 मार्च 2021

भारतीय रिज़र्व बैंक ने यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नगीना
पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (रिज़र्व बैंक) ने दिनांक 10 मार्च 2021 के आदेश द्वारा यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नगीना (दि बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 27 का उल्लंघन करने के लिए 1.00 लाख का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, रिज़र्व बैंक द्वारा जारी उपर्युक्त निदेशों का पालन करने में बैंक की विफलता को ध्यान में रखते हुए, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और धारा 56 के साथ पठित धारा 47 ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर प्रश्न उठाना नहीं है।

पृष्ठभूमि

भारतीय रिज़र्व बैंक (रिज़र्व बैंक) ने अपने विभिन्न ईमेल और पत्रों के माध्यम से रिज़र्व बैंक को विभिन्न विवरणियाँ प्रस्तुत करने हेतु बैंक को सूचित किया। हालांकि, बैंक निर्धारित समय- सीमा के भीतर विवरणियाँ प्रस्तुत करने में विफल रहा। उक्त के आधार पर बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उसे यह सूचित किया गया था कि वह कारण बताएं कि निदेशों का अनुपालन नहीं करने के लिए उस पर दंड क्यों नहीं लगाया जाए।

बैंक के जवाब पर विचार करने के बाद रिज़र्व बैंक इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि रिज़र्व बैंक के उपर्युक्त निदेशों के अननुपालन के उपर्युक्त आरोप सिद्ध हुए हैं और मौद्रिक दंड लगाना अनिवार्य है।

(योगेश दयाल) 
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2020-2021/1236


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