अधिसूचनाएं

प्राथमिकताप्राप्‍त क्षेत्र के अंतर्गत आरआइडीएफ एवं कतिपय अन्‍य निधियों की गणना

भारिबैं/2013-14/591
ग्राआऋवि.केका.प्‍लान.बीसी.सं.101/04.09.01/2013-14

15 मई 2014

अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक/मुख्‍य कार्यपालक अधिकारी
[ सभी अनुसूचित वाणिज्‍य बैंक
(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोडकर) ]

महोदय,

प्राथमिकताप्राप्‍त क्षेत्र के अंतर्गत आरआइडीएफ एवं
कतिपय अन्‍य निधियों की गणना

यह निर्णय लिया गया है कि अनुसूचित वाणिज्‍य बैंकों द्वारा प्राथमिकताप्राप्‍त क्षेत्र को ऋण देने में कमी के कारण ग्रामीण बुनियादी विकास निधि (आरआइडीएफ) तथा नाबार्ड के पास सुस्थापित कतिपय अन्‍य निधियों के अंतर्गत रखी गई बकाया जमाराशियों को प्राथमिकताप्राप्‍त क्षेत्र वर्गीकरण के अंतर्गत अप्रत्‍यक्ष कृषि के भाग के रूप में शामिल किया जाए।

2. तदनुसार, नाबार्ड के पास आरआइडीएफ, गोदाम बुनियादी निधि, अल्‍पावधि सहकारी ग्रामीण ऋण पुनर्वित्‍त निधि और अल्‍पावधि आरआरबी निधि के अंतर्गत चालू वर्ष के 31 मार्च को विद्यमान बकाया जमाराशियों को अप्रत्‍यक्ष कृषि ऋण के अंतर्गत माना जाएगा और इन्‍हें समग्र प्राथमिकताप्राप्‍त क्षेत्र के लक्ष्‍य की उपलब्धि के प्रति हिसाब में लिया जाएगा। नाबार्ड के पास रखी गई उक्‍त निधियों के अंतर्गत पूर्ववर्ती 31 मार्च को विद्यमान बकाया जमाराशियां समायोजित निवल बैंक ऋण का भाग होंगी।

3. ये दिशानिर्देश 31 मार्च 2014 से लागू हैं। एएनबीसी की गणना पर 1 जुलाई 2013 के मास्‍टर परिपत्र ग्राआऋवि.केका.प्‍लान.बीसी. सं.9/04.09.01/2013-14 का पैरा II (iii) में तदनुसार संशोधन किया जाता हैं।

भवदीय

(टी.वी.राव)
उप महाप्रबंधक

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