अधिसूचनाएं

बांग्लादेश की राष्ट्रीयता वाले व्यक्तियों द्वारा एनआरओ खाते खोलना

भारिबैंक/2012-13/414
ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं.82

11 फरवरी 2013

सभी प्राधिकृत व्यापारी बैंक और प्राधिकृत बैंक

महोदया/महोदय,

बांग्लादेश की राष्ट्रीयता वाले व्यक्तियों द्वारा एनआरओ खाते खोलना

सभी प्राधिकृत व्यापारी बैंकों और प्राधिकृत बैंकों का ध्यान, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 5/2000-आरबी में अंतर्विष्ट विदेशी मुद्रा प्रबंध(जमा) विनियमावली, 2000 की अनुसूची-3 के पैराग्राफ 1 की ओर आकृष्ट किया जाता है, जिसके अनुसार बांग्लादेश/ पाकिस्तान की राष्ट्रीयता वाले व्यक्तियों/वाली एंटिटीज़(संस्थाओं)/स्वामित्व वाली संस्थाओं द्वारा अनिवासी सामान्य रुपया (NRO) खाता (खाते) खोलने के लिए रिज़र्व बैंक का अनुमोदन लेना आवश्यक है।

2. मौजूदा अनुदेशों की समीक्षा की गयी है और यह निर्णय लिया गया है कि अब से, प्राधिकृत बैंक, रिज़र्व बैंक के अनुमोदन के बगैर, बांग्लादेश की राष्ट्रीयता वाले व्यक्ति/व्यक्तियों को अनिवासी सामान्य रुपया (NRO) खाता/खाते खोलने के लिए अनुमति निम्नलिखित शर्तों के अधीन दे सकते हैं:

  1. संबंधित बैंक इस बात से स्वयं संतुष्ट हो कि ऐसा व्यक्ति वैध वीज़ा और विदेशी पंजीकरण कार्यालय (FRO)/विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) द्वारा जारी वैध रिहायशी अनुमति पत्र का धारक है;

  2. प्राधिकृत बैंक को इस संबंध में तिमाही रिपोर्टिंग की प्रणाली अपनानी चाहिए, जिसके जरिये प्राधिकृत बैंक की प्रत्येक शाखा बांग्लादेश की राष्ट्रीयता वाले व्यक्ति/व्यक्तियों द्वारा खोले गए बैंक खातों का रिकार्ड रखेगी और ऐसे खाते के ब्योरे अपने प्रधान कार्यालय को प्रेषित करेगी। बैंक का प्रधान कार्यालय ऐसे खातों के ब्योरे तिमाही आधार पर अवर सचिव (Foreigners), गृह मंत्रालय, एनडीसीसी-॥ बिल्डिंग, जय सिंह रोड, नई दिल्ली -110001 को प्रेषित करेगा । ईमेल

  3. उक्त रिपोर्ट में व्यक्ति का /व्यक्तियों के नाम, भारत में आगमन की तारीख, पासपोर्ट संख्या तथा पासपोर्ट जारी करने का स्थान/करने वाले देश का नाम, रिहायशी अनुमति पत्र की संदर्भ संख्या तथा तारीख और स्थान, संबंधित FRO/ FRRO के नाम के ब्योरे दिए जाएं तथा जहाँ बैंक खाता रखा गया है, उस शाखा का पूर्ण पता और संपर्क करने के लिए फोन नंबर भी दिया जाए।

3. बांग्लादेश के स्वामित्व वाली संस्थाओं (एंटिटीज़) द्वारा खाते खोलने के लिए पहले की भांति रिज़र्व बैंक से अनुमोदन लेना आवश्यक होगा।

4. 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 5/2000-आरबी में आवश्यक संशोधन, 2 जनवरी 2013 की अधिसूचना सं. फेमा. 253/2013-आरबी के जरिये जारी किए गए हैं।

5. प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक इस परिपत्र की विषयवस्तु से अपने संबंधित घटकों और ग्राहकों को अवगत करायें।

6. इस परिपत्र में निहित निर्देश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम,1999 (1999 का 42) की धारा 10(4) और धारा 11(1) के अंतर्गत और किसी अन्य कानून के अंतर्गत अपेक्षित अनुमति/अनुमोदन, यदि कोई हो, पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बगैर जारी किये गये हैं।

भवदीय,

(रुद्र नारायण कर)
मुख्य महाप्रबंधक


2020
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख
Server 214
शीर्ष