भारिबैंक/2012-13/259
ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 46
23 अक्तूबर 2012
सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक
महोदया/ महोदय,
विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेडएस) द्वारा विदेशी मुद्रा में भुगतान पर
घरेलू प्रशुल्क क्षेत्रों (डीटीएएस) की इकाईयों को माल और सेवाओं की आपूर्ति
प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंकों का ध्यान 16 जून 2003 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज़) परिपत्र सं. 105 की ओर आकृष्ट किया जाता है, जिसके अनुसार घरेलू प्रशुल्क क्षेत्रों (डीटीएएस) की इकाईयों को विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेडएस) की इकाईयों द्वारा उन्हें किए गए माल की आपूर्ति के संबंध में भुगतान करने के लिए प्राधिकृत व्यापारियों से विदेशी मुद्रा की खरीद करने की अनुमति दी गयी है ।
2. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के परामर्श से इस विषय की समीक्षा की गयी है तथा यह निर्णय लिया गया है कि प्राधिकृत व्यापारियों को घरेलू प्रशुल्क क्षेत्रों (डीटीएएस) की इकाईयों को विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेडएस) की इकाईयों को उनके द्वारा प्रदान की गयी सेवाओं के लिए विदेशी मुद्रा में भुगतान करने के लिए विदेशी मुद्रा बेचने की अनुमति दी जाए। तथापि, यह सुनिश्चित किया जाए कि विशेष आर्थिक क्षेत्र के विकास आयुक्त (डीसी) द्वारा विशेष आर्थिक क्षेत्र की इकाईयों को जारी अनुमोदन पत्र (एलओए) में घरेलू प्रशुल्क क्षेत्र (डीटीएए) को विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेडएस) की इकाईयों द्वारा इन माल/सेवाओं की आपूर्ति करने के लिए तथा विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेडएस) की इकाईयों को माल/सेवाओं के लिए विदेशी मुद्रा में भुगतान करने के लिए स्वीकृति संबंधी प्रावधान हो।
3. प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक इस परिपत्र की विषय वस्तु से अपने संबंधित घटकों और ग्राहकों को अवगत कराने का कष्ट करें।
4. इस परिपत्र में निहित निर्देश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 10 (4) और धारा 11 (1) के अधीन और अन्य किसी कानून के अंतर्गत अपेक्षित अनुमति/अनुमोदन, यदि कोई हो, पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बगैर जारी किए गए हैं।
भवदीया,
(रश्मि फौज़दार)
मुख्य महाप्रबंधक
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