अधिसूचनाएं

वित्तीय समावेशन - बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच - बुनियादी बचत बैंक जमा खाता

आरबीआई़/2012-13/169
शबैवि़.बीपीडी परि.सं.5/12.05.001/2012-13

17 अगस्त 2012

मुख्‍य कार्यपालक अधिकारी
सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक

महोदया / महोदय

वित्तीय समावेशन - बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच - बुनियादी बचत बैंक जमा खाता

कृपया वर्ष 2012-13 के लिए दिनांक 17 अप्रैल 2012 को घोषित मौद्रिक नीति वक्तव्य का पैरा 88 और 89 देखें ।

2. नवंबर 2005 में शहरी सहकारी बैंकों को सूचित किया गया था कि वे ‘शून्य’ अथवा अत्यंत न्यूनतम शेष और प्रभार वाला एक बुनियादी बैंकिंग ‘नो फ्रिल्स’ खाता उपलब्ध कराएं, जिससे ऐसे खाते आबादी के बड़े हिस्से के लिए सुलभ हो सकें। ‘नो फ्रिल्स’ खातों के नाम से जुड़ी गलत अवधारणा को दूर करने के लिए एवं संपूर्ण बैंकिंग प्रणाली में अधिक समरूप रीति से बुनियादी बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुनियादी ‘नो फ्रिल्स’ खाता खोलने से सम्बन्धित दिशानिर्देशों को संशोधित करने का निर्णय लिया गया है। तदनुसार, वित्तीय समावेशन पर दिनांक 24 नवंबर 2005 के परिपत्र सं. यूबीडी .बीपीडी. परि. 19/13.01.000/2005-06 में निहित अनुदेशों के अधिक्रमण में शहरी सहकारी बैंकों को सूचित किया जाता है कि बैंक एक "बुनियादी बचत बैंक जमा खाता" खोलने का प्रस्ताव दें जिसमें उनके सभी ग्राहकों के लिए निम्नलिखित न्यूनतम सामान्य सुविधाएं दी जाएंगी:

  1. ‘बुनियादी बचत बैंक जमा खाता’ को सर्वसाधारण के लिए उपलब्ध एक सामान्य बैंकिंग सेवा माना जाना चाहिए।

  2. इस खाते के लिए किसी न्यूनतम शेष की अपेक्षा नहीं रहेगी।

  3. इस खाते में उपलब्ध सेवाओं में बैंक की शाखा तथा एटीएमों में नकदी जमा व आहरण; इलेक्ट्रॉनिक भुगतान चैनलों अथवा केंद्र/राज्य सरकार की एजेंसियों और विभागों द्वारा आहरित चेकों के जमा/संग्रहण के माध्यम से धन प्राप्ति /जमा, शामिल होंगे;

  4. यद्यपि एक माह के दौरान ग्राहक द्वारा जमा करने की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं होगी, तथापि खाताधारकों को एक माह के अंदर एटीएम आहरणों सहित अधिकतम चार आहरणों की ही अनुमति होगी; और

  5. एटीएम कार्ड अथवा एटीएम-सह-डेबिट कार्ड की सुविधा होगी;

3. उक्त सुविधाएं बिना किसी प्रभार के उपलब्ध कराई जाएंगी । साथ ही, ‘बुनियादी बचत बैंक जमा खाता’ का परिचालन न होने पर या अपरिचालित खाते को सक्रिय करने के लिए किसी प्रकार का प्रभार नहीं लगाया जाएगा।

4. शहरी सहकारी बैंक तर्कसंगत एवं पारदर्शी आधार पर निर्धारित बुनियादी न्यूनतम सेवाओं से परे अतिरिक्त मूल्य वर्धित सेवाओं के लिए कीमतें तय करने वाली संरचना सहित अन्य अपेक्षाएं विकसित करने तथा उन्हें भेदभाव रहित आधार पर लागू करने के लिए स्वतंत्र होंगे।

5. ‘बुनियादी बचत बैंक जमा खाता’ बैंक खाते खोलने के लिए ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)/धनशोधन निवारण अधिनियम (एएमएल) पर समय-समय पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी किये गये अनुदेशों के अधीन होगा । यदि ऐसा खाता सरलीकृत केवाईसी मानकों के आधार पर खोला जाता है, तो इस खाते को ‘छोटा खाता’ भी माना जाएगा और उस पर ‘अपने ग्राहक को जानिए मानदंड/धनशोधन निवारण मानक/आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध (सीएफटी)/पीएमएलए, 2002 के अंतर्गत बैंकों के दायित्व ' पर दिनांक 02 जुलाई 2012 के मास्टर परिपत्र यूबीडी.बीपीडी.(पीसीबी).एमसी.सं. 16/12.05.001/2012-13 के पैरा 2.6(iii) में निर्धारित शर्तें लागू होंगी।

6. ‘बुनियादी बचत बैंक जमा खाता’ के धारक उसी बैंक में कोई अन्य बचत बैंक जमा खाता खोलने के लिए पात्र नहीं होंगे। यदि उस बैंक में किसी ग्राहक का कोई दूसरा बचत बैंक जमा खाता पहले से मौजूद है, तो उसे ‘बुनियादी बचत बैंक जमा खाता’ खोलने की तिथि से 30 दिनों के भीतर उसे बंद करना होगा।

7. ऊपर पैरा 2 में निहित अनुदेशों के अनुसार मौजूदा बुनियादी बैंकिंग ‘नो फ्रिल्स’ खातों को ‘बुनियादी बचत बैंक जमा खातों’ में परिवर्तित कर दिया जाना चाहिए।

भवदीय

(ए उदगाता)
प्रभारी मुख्‍य महाप्रबंधक


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