भारिबैं/2025-26/191
विवि.एसटीआर.आरईसी.392/21-01-002/2025-26
09 जनवरी 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक (अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एआईएफआई) - पूंजी पर्याप्तता पर
विवेकपूर्ण मानदंड) संशोधन निदेश 2026
कृपया भारतीय रिज़र्व बैंक (अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एआईएफआई) - पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड) निदेश 2025 (जिसे आगे 'निदेश' संदर्भित किया गया है) का संदर्भ लें।
2. समीक्षा करने पर और भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45एल तथा इस संबंध में रिज़र्व बैंक को सक्षम बनाने वाले अन्य सभी कानूनों द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, रिज़र्व बैंक संतुष्ट है कि ऐसा करना जनहित में आवश्यक और समीचीन है, इसलिए वह एतद्द्वारा निर्दिष्ट निम्नलिखित संशोधन निदेश जारी करता है।
3. संशोधन निदेश निम्नलिखित रूप से निदेश को आशोधित करते हैं:
(1) पैरा 44 को निम्नलिखित से प्रतिस्थापित किया जाएगा:
“44. अनिवासी कंपनियों पर दावों का जोखिम भार अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों द्वारा दी गई रेटिंग के अनुसार निम्नानुसार होगा। इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) में उत्पन्न होने वाले सभी अनिवासी कंपनियों पर दावों के संबंध में, जिनके लिए मेसर्स केयरएज ग्लोबल आईएफएस लिमिटेड द्वारा रेटिंग निर्धारित की गई है, मैपिंग नीचे दी गई तालिका 9.2 के अनुसार होगी।
| तालिका 9.1: अनिवासी कंपनियों पर दावे - एसएंडपी/फिच/मूडीज़ रेटिंग्स द्वारा दी गई रेटिंग्स के लिए जोखिम भार निर्धारण |
| एसएंडपी / फिच रेटिंग्स |
एएए से एए |
ए |
बीबीबी से बीबी |
बीबी के नीचे |
अनरेटेड |
| मूडीज़ रेटिंग्स |
एएए से एए |
ए |
बीएए से बीए |
बीए के नीचे |
अनरेटेड |
| जोखिम भार (%) |
20 |
50 |
100 |
150 |
100 |
तालिका 9.2: अनिवासी कंपनियों पर दावे - मेसर्स केयरएज ग्लोबल आईएफएस लिमिटेड द्वारा दी गई रेटिंग के लिए जोखिम भार निर्धारण - अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) में उत्पन्न होने वाले अनिवासी कॉर्पोरेट एक्सपोजर के लिए |
| केयरएज ग्लोबल आईएफसी लिमिटेड |
एएए |
एए |
ए |
बीबीबी |
बीबी और नीचे |
| जोखिम भार (%) |
20 |
30 |
50 |
100 |
150 |
स्पष्टीकरण –
-
बैंकिंग प्रणाली से 200 करोड़ रुपये से अधिक के कुल एक्सपोजर वाले अमूल्यांकित दावों पर 150 प्रतिशत का जोखिम भार लागू होगा।
-
बैंकिंग प्रणाली से ₹100 करोड़ से अधिक के कुल एक्सपोजर वाले दावे, जिन्हें पहले रेट किया गया था और बाद में अनरेटेड हो गए हैं, उन पर 150 प्रतिशत का जोखिम भार लागू होगा।
-
किसी अनरेटेड कंपनी पर किए गए किसी भी दावे को उसके निगमन के संप्रभु को सौंपे गए जोखिम भार से अधिक जोखिम भार नहीं दिया जाएगा।
(2) पैरा 125 को निम्नलिखित से प्रतिस्थापित किया जाएगा:
“125. एआईएफआई पूंजी पर्याप्तता प्रयोजनों के लिए अपने दावों के जोखिम भारण हेतु निम्नलिखित अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों (वर्णमाला क्रम में व्यवस्थित) की रेटिंग का उपयोग भी कर सकता है, जहां निर्दिष्ट हो:
-
केयरएज ग्लोबल आईएफएस लिमिटेड (अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) में उत्पन्न होने वाले सभी अनिवासी कॉर्पोरेट एक्सपोजर के लिए);
-
फिच;
-
मूडीज़; और
-
स्टैंडर्ड एंड पूअर्स।"
4. उपर्युक्त संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
(वैभव चतुर्वेदी)
मुख्य महाप्रबंधक |