श्री सतीश काशीनाथ मराठे

श्री सतीश काशीनाथ मराठे

श्री सतीश काशीनाथ मराठे ने अपना बैंकिंग कैरियर बैंक ऑफ इंडिया में शुरू किया। वे 2002 से 2006 तक यूनाइटेड वेस्‍टर्न बैंक लिमिटेड के अध्‍यक्ष और सीईओ तथा 1991-2001 के दौरान जनकल्‍याण सहकारी बैंक लिमिटेड के सीईओ थे। एक संक्षिप्‍त अवधि के लिए, वे महाप्रबंधक के रूप में डीएनबीएस लिमिटेड के साथ संबद्ध थे।

श्री सतीश मराठे सहकारी क्षेत्र के एक एनजीओ सहकार भारती के संस्‍थापक सदस्‍य हैं। वे सहकारी क्षेत्र में अध्‍ययन और अनुसंधान करने के लिए भारतीय कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत पंजीकृत प्रतिष्‍ठान सहकारिता अध्‍ययन और अनुसंधान केंद्र के संस्‍थापक निदेशक हैं।

वर्तमान में, श्री सतीश मराठे राष्‍ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के निदेशक, राष्‍ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद (एनसीसीटी) की कार्यपालक समिति के सदस्‍य और पालघर जिले के जवाहर तहसील में मूक-बधिर जनजातीय बच्‍चों के आवासीय विद्यालय, प्रगति प्रतिष्‍ठान के अध्‍यक्ष हैं।

श्री सतीश काशीनाथ मराठे भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के माननीय सचिव (2001), आईबीए की प्रबंध समिति के सदस्‍य और अर्थशास्त्रियों की समिति के भी सदस्‍य, निजी क्षेत्र बैंक संघ के अध्‍यक्ष (2005-06), कमजोर और रुग्‍ण शहरी सहकारी बैंकों के संबंध में महाराष्‍ट्र सरकार द्वारा गठित उच्‍च अधिकार-प्राप्‍त समिति के सदस्‍य (2001), राजकोट नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड के बोर्ड पर निदेशक, ठाणे भारत सहकारी बैंक लिमिटेड के बोर्ड पर विशेषज्ञ निदेशक, महाराष्‍ट्र राज्‍य सहकारी परिषद के सदस्‍य (1995-99), एपेक्‍स बैंक ऑफ अर्बन बैंक्‍स ऑफ महाराष्‍ट्र एंड गोवा लिमिटेड के निदेशक, और राष्‍ट्रीय युवा सहकारी समिति लिमिटेड के निदेशक जैसे विभिन्‍न पदों पर रहे।

1 फरवरी 1950 को जन्‍मे, श्री सतीश काशीनाथ मराठे ने मुंबई विश्‍वविद्यालय से वाणि‍ज्‍य और कानून (जीईएन.) में स्‍नातक की उपाधि प्राप्‍त की। उन्‍होंने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता में डिप्‍लोमा (गोल्‍ड मेडलिस्‍ट) भी किया है।


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