भा.रि.बैंक/2026-27/02
ए.पी. (डीआईआर सीरीज़) परिपत्र सं. 01
01 अप्रैल 2026
सभी प्राधिकृत व्यक्ति
महोदया/महोदय,
विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 के अंतर्गत रिपोर्टिंग - विदेशी मुद्रा प्रबंध (गारंटी) विनियमावली, 2026 से संबंधित विवरणियाँ
प्राधिकृत व्यक्तियों का ध्यान विदेशी मुद्रा प्रबंध (गारंटी) विनियमावली, 2026 और मास्टर निदेश - विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 के अंतर्गत रिपोर्टिंग की ओर आकर्षित किया जाता है।
2. फेमा 8 (आर) के विनियम 7 के अनुसार गारंटी की रिपोर्ट करने का दायित्व रखने वाले व्यक्ति, प्राधिकृत व्यापारी बैंक को प्रस्तुत करने के लिए भा.रि.बैंक की वेबसाइट (आरबीआई को जमा रिटर्न की सूची) पर प्रदान की गई निम्नलिखित फाइलों का उपयोग कर सकते हैं:
(क) 'फॉर्म जीआरएन इश्यू' - गारंटी जारी करने की रिपोर्टिंग के लिए।
(ख) 'फॉर्म जीआरएन संशोधन' - गारंटी शर्तों में किसी भी बाद के परिवर्तन अर्थात् - गारंटी राशि, अवधि का विस्तार या पूर्व-समाप्ति को रिपोर्ट करने के लिए,।
(ग) 'फॉर्म जीआरएन इनवोकेशन' - गारंटी इनवोकेशन की रिपोर्टिंग के लिए।
3. प्राधिकृत व्यापारी बैंक इस प्रकार केंद्रीकृत सूचना प्रबंधन प्रणाली (सीआईएमएस) (यूआरएल: https://sankalan.rbi.org.in) के माध्यम से संबंधित तिमाही की समाप्ति से तीस कैलेंडर दिनों के भीतर भारतीय रिज़र्व बैंक को विवरणियाँ प्रस्तुत करेंगे। परिचालन संबंधी दिशानिदेश इसमें दिए गए हैं।
4. 'फॉर्म जीआरएन इश्यू' के माध्यम से जारी प्रत्येक गारंटी का रिटर्न रिज़र्व बैंक को जमा करने से पहले, परिचालन दिशानिदेशों के अनुसार प्राधिकृत व्यापारी बैंक एक विशिष्ट गारंटी लेनदेन संख्या प्रदान करेंगे।
5. 'फॉर्म जीआरएन इनवोकेशन' की विलंबित रिपोर्टिंग के लिए विलंब प्रस्तुतीकरण शुल्क की गणना हेतु, विलंब से की गई रिपोर्टिंग में शामिल राशि (A) इनवोकेशन पर ज़मानतदार के प्रति उपगत देयता की राशि होगी। 'फॉर्म जीआरएन इश्यू' और 'फॉर्म जीआरएन संशोधन' की विलंबित रिपोर्टिंग के लिए, 'A' को 'शून्य' माना जाएगा क्योंकि इन रिटर्न में लेन-देन दर्ज नहीं होते हैं।
6. प्राधिकृत व्यक्ति इस परिपत्र की विषयवस्तु से अपने ग्राहकों / संबंधित घटकों को अवगत कराएँ।
7. इस परिपत्र में निहित निदेश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 (1999 का 42) की धारा 10(4), 11(1) और 11(2) के अंतर्गत जारी किए गए हैं और ये किसी अन्य विधि/ कानून के अंतर्गत अपेक्षित अनुमति/ अनुमोदन, यदि कोई हों, पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालते हैं।
8. ये निदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
भवदीय,
(डॉ. आदित्य गेहा)
प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक
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