उपभोक्ता शिक्षण और संरक्षण

हमारी ग्राहक पहुंच नीति का लक्ष्य आमजनता को सूचना प्रदान करना है जिससे कि वे बैंकिंग सेवाओं के संबंध में अपनी अपेक्षाओं, विकल्पों और अधिकारों तथा बाध्यताओं के बारे में जान सकें। हमारे ग्राहक सेवा प्रयासों को ग्राहक के अधिकारों की रक्षा करने, ग्राहक सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने और संपूर्ण बैंकिंग क्षेत्र और रिज़र्व बैंक में शिकायत निवारण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए डिजाइन किया गया है।

प्रेस प्रकाशनी


बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी सोसायटियों पर यथालागू) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निर्देश की अवधि का विस्तार – दि कराड़ जनता सहकारी बैंक लि., कराड़, महाराष्ट्र

10 सितंबर 2019

बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी सोसायटियों पर यथालागू) की धारा 56 के साथ
पठित धारा 35ए के अंतर्गत निर्देश की अवधि का विस्तार – दि कराड़ जनता सहकारी बैंक लि., कराड़, महाराष्ट्र

दि कराड़ जनता सहकारी बैंक लि., कराड़, महाराष्ट्र को दिनांक 7 नवम्बर 2017 के निर्देश सं. डीसीबीएस.सीओ.बीएसडी-1/डी-4/12.22.126/2017-18 द्वारा 9 नवम्बर 2017 की कारोबार समाप्ति से छह महीनों के लिए निर्देशाधीन रखा गया था। यह वैधता समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों द्वारा बढ़ाई गई जो अंतिम रूप से दिनांक 07 मार्च 2019 के निर्देश डीसीबीआर.सीओ.एआईडी/सं.डी-36/12.22.126/2018-19 द्वारा 09 सितंबर 2019 तक बढ़ाई गई थी।

2. जन साधारण की सूचनार्थ एतद्द्वारा सूचित किया जाता है कि भारतीय रिज़र्व बैंक, बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 (सहकारी समितियों पर यथालागू) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए की उपधारा(1) में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए निर्देश देता है कि 07 मार्च 2019 के निर्देश सं. डीसीबीआर.सीओ.एआईडी/सं.डी-36/12.22.126/2018-19 द्वारा दि कराड़ जनता सहकारी बैंक लि., कराड़ को जो निर्देश जारी किया गया था जिसे समय-समय पर संशोधित किया गया था और जिसकी वैधता अंतिम रूप से 9 सितंबर 2019 तक बढ़ाई गई थी, अब उक्त बैंक पर 5 सितंबर 2019 के निर्देश सं. डीसीबीआर.सीओ.एआईडी/सं.डी-13/12.22.126/2019-20 के अनुसार 10 सितंबर 2019 से 9 मार्च 2020 तक अगले छह महीनों की अवधि के लिए लागू तथा समीक्षाधीन रहेंगे।

3. संदर्भाधीन निर्देश के अन्य निबंधन एवं शर्ते अपरिवर्तित रहेंगी।

4. उपरोक्त वैधता को सूचित करनेवाले दिनांक 5 सितंबर 2019 के निर्देश की एक प्रति बैंक के परिसर में जनता के अवलोकन हेतु लगाई गई है।

5. भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उपरोक्त वैधता बढ़ाने या/और संशोधित करने का यह अर्थ न लगाया जाए कि भारतीय रिज़र्व बैंक, बैंक की वित्तीय स्थिति में मौलिक सुधार से संतुष्ट है।

योगेश दयाल  
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2019-2020/658

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