9 फरवरी 2026
आरबीआई ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को उधार देने संबंधी
संशोधन निदेश जारी किए
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को उधार (संशोधन) निदेश, 2026 जारी किए। उक्त संशोधन निदेश, मास्टर निदेश - सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को उधार (23 जुलाई 2025 तक अद्यतित) के कतिपय प्रावधानों में संशोधन करते हैं।
2. उक्त संशोधन (i) सूक्ष्म और लघु उद्यम (एमएसई) के लिए मौजूदा संपार्श्विक-रहित ऋण सीमा को ₹20 लाख तक बढ़ाने और (ii) पृथक रूप से अधिसूचित कतिपय विनियामकीय परिवर्तनों के साथ संरेखण के लिए जारी किए गए हैं। इनका उद्देश्य, सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए अंतिम छोर तक ऋण आपूर्ति को सुदृढ़ करना है जिनके पास संपार्श्विक के रूप में देने के लिए सीमित आस्तियां हैं।
3. संशोधित निदेश 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2074 |