बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

अधिसूचनाएं


जुलाई 01, 2020
दबावग्रस्त आस्ति निधि- दबावग्रस्त एमएसएमई के लिए गौण ऋण
जून 26, 2020
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42(1) – दैनिक न्यूनतम आरक्षित नकदी बनाए रखने की अपेक्षाओं में परिवर्तन
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 24 - सांविधिक चलनिधि अनुपात (एसएलआर) बनाए रखना - सीमांत स्थायी सुविधा (एमएसएफ)
जून 21, 2020
एमर्जेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के तहत आपातकालीन/ आपाती ऋण सुविधाओं (गारंटीकृत आपाती ऋण व्यवस्था) पर जोखिम भार लगाना
जून 08, 2020
यूएपीए, 1967 की धारा 51-क का कार्यान्वयन – यूएनएससी की 1267/ 1989 आईएसआईएल (दाएश) और अल- कायदा प्रतिबंध सूची में अद्यतन करना- एक व्यक्ति को जोड़ना
मई 23, 2020
कोविड 19 विनियामकीय पैकेज– दबावग्रस्त आस्तियों के समाधान पर विवेकपूर्ण ढांचे के अंतर्गत समाधान समय सीमाओं की समीक्षा
पोतलदानपूर्व तथा पोतलदान के पश्चात के निर्यात ऋण – अग्रिम की अवधि का विस्तार
कोविड-19 - विनियामकीय पैकेज
वृहत् एक्सपोज़र ढांचा – संबंधित प्रतिपक्षकारों के समूह के प्रति एक्स्पोजर में बढ़ोतरी
मई 22, 2020
बैंक दर में परिवर्तन
मई 13, 2020
पोतलदानपूर्व तथा पोतलदान के पश्चात रुपया निर्यात ऋणों के लिए ब्याज समतुल्यीकरण योजना-विस्तार
2020
2019
2018
2017
2016
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