बैंकों का बैंक

वैयक्तिक ग्राहकों, कारोबारों और सभी प्रकार के संगठनों की भांति बैंकों को भी निधि अंतरण और अन्‍य बैंकों से उधार लेने या देने तथा ग्राहक के लेनदेनों को पूरा करने के लिए अपनी एक व्‍यवस्‍था ज़रूरी होती है। बैंकों के बैंकर के रूप में रिज़र्व बैंक यह भूमिका अदा करता है।

अधिसूचनाएं


सरकारी खातों की वार्षिक लेखाबंदी – केंद्र/राज्य सरकार के लेनदेन – चालू वित्तीय वर्ष (2018-19) के लिए विशेष उपाय

भारिबैं/2018-19/149
डीजीबीए.जीबीडी.सं.2430/42.01.029/2018-19

26 मार्च 2019

सभी एजेंसी बैंक

महोदय/महोदया

सरकारी खातों की वार्षिक लेखाबंदी – केंद्र/राज्य सरकार के लेनदेन – चालू वित्तीय वर्ष (2018-19) के लिए विशेष उपाय

भारत सरकार की अपेक्षा है कि वित्तीय वर्ष (2018-19) के लिए एजेंसी बैंकों द्वारा किए गए सभी सरकारी लेनदेनों कों उसी वित्तीय वर्ष में ही हिसाब में लिया जाए और उन्होंने अनुरोध किया है कि पिछले वर्षों की भाँति इस प्रयोजन से कुछ विशेष व्यवस्थाएं की जाएं।

2. तदनुसार यह निर्णय लिया गया है कि सभी एजेंसी बैंक सरकारी बैंकिंग का कार्य करने वाली अपनी नामित शाखाओं के काउंटर सरकारी लेनदेन हेतु 30 मार्च 2019 को रात में 8.00 बजे तक और 31 मार्च 2019 को रात में 6.00 बजे तक खुला रखेंगें।

3. एनईएफटी और आरटीजीएस सहित सभी इलेक्ट्रानिक लेनदेन 30 मार्च और 31 मार्च 2019 को विस्तारित अवधि तक किए जाते रहेंगे, इस संबंध में भुगतान और निपटान प्रणाली विभाग (डीपीएसएस), भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा आवश्यक अनुदेश जारी किया जाएगा।

4. भारतीय रिज़र्व बैंक के ई-कुबेर में संकलित जीएसटी की रिपोर्ट भेजने के संबंध में लगेज फाइल अपलोड करने हेतु 31 मार्च 2019 की रिपोर्टिंग विंडो को विस्तारित किया जाएगा और इसे 1 अप्रैल 2019 को दोपहर 12.00 बजे तक खुला रखा जाएगा। इस प्रकार एजेंसी बैंक 31 मार्च 2019 के मूल्य तारीख की लगेज फाइल 1 अप्रैल 2019 को दोपहर 12.00 बजे तक अपलोड कर सकेंगे।

5. एजेंसी बैंक की गई इस विशेष व्यवस्था का पर्याप्त रूप से प्रचार करें।

भवदीय

(पार्था चौधुरी)
महाप्रबंधक

2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख
Server 214
शीर्ष