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बैंक ऋण का क्षेत्रवार अभिनियोजन – जनवरी 2026

27 फरवरी 2026

बैंक ऋण का क्षेत्रवार अभिनियोजन – जनवरी 2026

वर्ष 2026 के जनवरी माह के लिए 41 चुनिंदा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) से जुटाए गए बैंक ऋण के क्षेत्रवार अभिनियोजन संबंधी आंकड़े, जो सभी एससीबी1 के कुल खाद्येतर ऋण का लगभग 95 प्रतिशत होता है, विवरण I और II में दिए गए हैं।

वर्ष-दर-वर्ष (व-द-व) आधार पर देखें तो, खाद्येतर बैंक ऋण2 31 जनवरी 2026 को समाप्त पखवाड़े की स्थिति के अनुसार 14.4 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि पिछले वर्ष (अर्थात, 24 जनवरी 2025) के इसी पखवाड़े में यह 11.3 प्रतिशत था।

31 जनवरी 2026 को समाप्त पखवाड़े की स्थिति के अनुसार बैंक ऋण के क्षेत्रवार अभिनियोजन की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • कृषि और संबद्ध कार्यकलापों हेतु प्रदत्त ऋण में पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में 12.2 प्रतिशत की तुलना में इस वर्ष 11.4 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई।

  • उद्योग क्षेत्र को प्रदत्त ऋण में 12.1 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में यह 8.3 प्रतिशत थी। ‘सूक्ष्म एवं लघु’ तथा ‘मझोले’ उद्योगों को प्रदत्त ऋण में तेज विस्‍तार जारी रहा। बड़े उद्योगों को प्रदत्‍त ऋण मजबूत बनी रही। प्रमुख उद्योगों में, ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर’, ‘सभी इंजीनियरिंग’, ‘रसायन और रासायनिक उत्‍पाद’, ‘कपड़ा’ को बकाया ऋण में वर्ष-दर-वर्ष मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।

  • सेवा क्षेत्र को प्रदत्त ऋण में वर्ष-दर-वर्ष 15.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की गई (पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में 12.3 प्रतिशत) जो ‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों’ (एनबीएफसी), ‘व्यापार’ और ‘वाणिज्यिक स्थावर संपदा’ जैसे खंडों में उच्‍चतर वृद्धि से समर्थित था।

  • वैयक्तिक ऋण खंड हेतु प्रदत्त ऋण में 14.9 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एक वर्ष पहले यह 11.9 प्रतिशत थी। जहां, ‘वाहन ऋण’ और ‘स्‍वर्ण आभूषणों पर ऋण’ जैसे खंड़ों में तेज ऋण वृद्धि दर्ज की गई, वहीं ‘आवास’ में स्थिर वृद्धि देखी गई। ‘क्रेडिट कार्ड बकाया’ की वृद्धि में पिछले वर्ष की तुलना में काफी कमी आई।

अजीत प्रसाद    
उप महाप्रबंधक (संचार)

प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2185


1 आंकड़े महीने के अंतिम पखवाड़े से संबंधित हैं, जो क्षेत्रवार और उद्योग-वार बैंक ऋण (एसआईबीसी) रिटर्न पर आधारित हैं। 31 दिसंबर 2025 से, बैंकिंग विधि (संशोधन) अधिनियम 2025 के तहत अंतिम रिपोर्टिंग पखवाड़े की परिभाषा को महीने के अंतिम दिन में बदल दिया गया है। तदनुसार, दिसंबर 2025 से वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर चालू वर्ष के लिए महीने के अंत के आंकड़ों और पिछले वर्ष के इसी महीने के लिए अंतिम रिपोर्टिंग पखवाड़े (पुरानी परिभाषा के अनुसार) के आंकड़ों पर आधारित हैं।

2 खाद्येतर ऋण डेटा धारा-42 रिटर्न पर आधारित हैं, जिसमें सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (एससीबी) शामिल हैं।


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