26 फरवरी 2026
डिजिटल/साइबर धोखाधड़ी पर कार्यशाला
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 24 और 25 फरवरी 2026 को रिज़र्व बैंक, केंद्रीय कार्यालय, मुंबई में कार्यपालक निदेशकों और 60 प्रमुख बैंकों के धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन प्रमुखों के लिए डिजिटल/साइबर धोखाधड़ी पर कार्यशाला का आयोजन किया।
यह कार्यशाला साइबर-सक्षम धोखाधड़ी की घटनाओं और उनकी पेचीदगी से निपटने के लिए बैंकों के साथ जारी रिज़र्व बैंक के पर्यवेक्षी और विकासात्मक प्रयास के हिस्से के रूप में आयोजित की गई। भारतीय रिज़र्व बैंक, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), गृह मंत्रालय, महाराष्ट्र साइबर पुलिस, वाणिज्यिक बैंकों तथा शहरी सहकारी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्यशाला में सहभागिता की।
इस कार्यशाला में सुदृढ़ अभिशासन और निगरानी व्यवस्था, मजबूत आंतरिक नियंत्रण, साइबर-सक्षम धोखाधड़ी की रोकथाम और उसे कम करने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों की सुविचारित प्रक्रियाओं और उनके उपयोग के महत्व पर ज़ोर दिया गया। इस प्रकार की धोखाधड़ी से उत्पन्न होने वाली बढ़ती समस्याओं को कारगर ढंग से दूर करने के लिए सभी हितधारकों के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया। संकेंद्रित ग्राहक जागरूकता अभियानों के संचालन हेतु अपेक्षित प्रयासों के संबंध में भी बैंकों को बताया गया।
चयनित बैंकों ने साइबर-सक्षम धोखाधड़ी की रोकथाम और उसे कम करने हेतु उनके द्वारा कार्यान्वित सर्वोत्तम पद्धतियों और तकनीकी पहलों को साझा किया। कार्यशाला का समापन खुली-चर्चा के साथ हुआ जिसमें सहभागियों ने अपनी प्रतिक्रिया और सुझाव साझा किए। रिज़र्व बैंक ने बैंकों और अन्य हितधारकों के साथ निरंतर सहभागिता जारी रखने तथा भारतीय बैंकिंग प्रणाली की सुदृढ़ता और सत्यनिष्ठा को और अधिक मजबूत करने के लिए उपयुक्त उपाय करने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2174 |