6 जनवरी 2026
आरबीआई ने "भारतीय रिज़र्व बैंक (लाभांश और लाभ के विप्रेषण पर विवेकपूर्ण मानदंड) निदेश, 2026"
के मसौदे पर टिप्पणियाँ आमंत्रित की
रिज़र्व बैंक ने भारत में शाखा के माध्यम से कार्यरत विदेशी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा और लाभ के विप्रेषण संबंधी विवेकपूर्ण मानदंडों पर मौजूदा दिशानिर्देशों की समीक्षा की। तदनुसार, 2 जनवरी 2024 को जन सामान्य से टिप्पणियाँ आमंत्रित करने के लिए संशोधित ढांचे का मसौदा जारी किया गया था। तथापि, हितधारकों की प्रतिक्रिया और परामर्शों के आधार पर, जन सामान्य की प्रतिक्रियाओं के लिए निम्नलिखित निदेशों के मसौदे जारी किए जा रहे हैं, जिसमें अधिकतम पात्र लाभांश के भुगतान की गणना के लिए एक नई पद्धति का प्रस्ताव किया गया है:
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भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - लाभांश की घोषणा और लाभ विप्रेषण संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) निदेश, 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - लाभांश की घोषणा संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) निदेश, 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (भुगतान बैंक - लाभांश की घोषणा संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) निदेश, 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक - लाभांश की घोषणा संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) निदेश, 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (स्थानीय क्षेत्र बैंक - लाभांश की घोषणा संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) निदेश, 2026
निदेशों के मसौदे पर टिप्पणियाँ 5 फरवरी 2026 तक आमंत्रित किए जाते हैं। रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध 'कनेक्ट2रेगुलेट' खंड के अंतर्गत लिंक के माध्यम से टिप्पणियां/ प्रतिक्रिया प्रस्तुत की जा सकती हैं। वैकल्पिक रूप से टिप्पणी निम्नलिखित:
मुख्य महाप्रबंधक, तुलन पत्र समूह
विनियमन विभाग, केंद्रीय कार्यालय
भारतीय रिज़र्व बैंक,
13वीं मंजिल, केंद्रीय कार्यालय भवन
शहीद भगत सिंह मार्ग, फोर्ट,
मुंबई - 400001
या ई-मेल द्वारा भेजी जा सकती है
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/1866 |