प्रेस प्रकाशनी

रिज़र्व बैंक ने ‘तिमाही बीएसआर -1: दिसंबर 2019 के लिए अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का बकाया ऋण जारी किया

20 मई 2020

रिज़र्व बैंक ने ‘तिमाही बीएसआर -1: दिसंबर 2019 के लिए अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का
बकाया ऋण जारी किया

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज ‘तिमाही मूल सांख्यिकी विवरणी (बीएसआर)-1: अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) का बकाया ऋण, दिसंबर 2019’ शीर्षक से अपने वेब प्रकाशन के साथ सितंबर 2019 के लिए तिमाही आंकड़े अपने भारतीय अर्थव्यवस्था संबंधी डेटाबेस (डीबीआईई) नामक पोर्टल (वेब-लिंक https://dbie.rbi.org.in/DBIE/dbie.rbi?site=publications#!12) पर जारी किया । इसमें बैंक ऋण की विभिन्न विशेषताओं जैसे पेशा / गतिविधि और उधारकर्ता के संगठनात्मक क्षेत्र, खाते के प्रकार और ब्याज दरें शामिल हैं। इस सर्वेक्षण में 97 एससीबी (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) के 1,24,359 कार्यालयों द्वारा रिपोर्ट किए गए आंकड़े, बैंक समूहों, जनसंख्या समूहों और राज्यों द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं1

मुख्य विशेषताएँ:

  • दिसंबर 2019 में लगातार चौथी तिमाही के लिए बैंक ऋण संवृद्धि (वर्ष-दर-वर्ष) में गिरावट आई क्योंकि औद्योगिक ऋण संवृद्धि (-0.8 प्रतिशत) सितंबर 2017 के बाद पहली बार नकारात्मक क्षेत्र में चली गई; व्यक्तिगत ऋण खंड तेज गति (17.1 प्रतिशत) से बढ़ा है।

  • निजी क्षेत्र के बैंकों ने ऋण विस्तार की अगुवाई की; कुल ऋण में उनका हिस्सा क्रमिक रूप से दिसंबर 2019 में 35.7 प्रतिशत हो गया जो एक वर्ष पहले 32.2 प्रतिशत तथा दो वर्ष पहले 30.0 प्रतिशत था।

  • महानगरीय शाखाओं द्वारा ऋण संवृद्धि (वर्ष-दर-वर्ष) दिसंबर 2019 में घटकर 5.2 प्रतिशत हो गया जो एक वर्ष पहले 14.7 प्रतिशत था, जबकि ग्रामीण, अर्ध-शहरी और शहरी क्षेत्रों में बैंक शाखाओं ने दोहरे-अंकों में ऋण संवृद्धि को बनाए रखा।

  • कुल ऋण में निजी गैर-वित्तीय कंपनियों की हिस्सेदारी घटकर 25.8 प्रतिशत (एक वर्ष पहले 28.4 प्रतिशत) रह गई, जबकि व्यक्तिगत उधारकर्ताओं के लिए, यह बढ़कर 40.3 प्रतिशत (एक वर्ष पहले 37.3 प्रतिशत) हो गई; कुल ऋणों में महिला उधारकर्ताओं की हिस्सेदारी भी थोड़ी सी बढ़ी।

  • उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों की शाखाओं का कुल ऋण में लगभग 84 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

  • दिसंबर 2019 को समाप्त तिमाही के दौरान बकाया ऋण के लिए भारित औसत उधार दर (डब्ल्यूएएलआर) में 15 आधार अंकों (बीपीएस) की गिरावट आई: गिरावट उद्योग (28 बीपीएस) और व्यापार (29 बीपीएस) क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण थी।

अजीत प्रसाद
निदेशक  

प्रेस प्रकाशनी: 2019-2020/2385


1 दिसंबर 2019 के अंतिम रिपोर्टिंग शुक्रवार के लिए पखवाड़े के फॉर्म-ए रिटर्न (रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 42 (2) के तहत एकत्र) पर आधारित समग्र आंकड़े पहले ही हमारी वेबसाइट (Home>Statistics>Data Release>Fortnightly>Scheduled Bank's Statement of Position in India) पर रखी गयी है और चुनिंदा बैंकों पर आधारित दिसंबर 2019 का बैंक क्रेडिट का समग्र स्तरीय मासिक क्षेत्रवार विनियोजन हमारी वेबसाइट (Home>Statistics>Data Release>Monthly>Data on Sectoral Deployment of Bank Credit) पर भी प्रकाशित की गई है।


2020
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख
Server 214
शीर्ष