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nesce >> FAQs - Display
Date: 30/11/2018
कार्ड लेनदेन

(30 नवंबर 2018 को अद्यतन किया गया)

1. कार्ड कितने प्रकार के हैं ?

उत्तर : कार्डों को उनके जारी करने, कार्ड धारक द्वारा उनके उपयोग और भुगतान के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है। तीन प्रकार के कार्ड होते हैं (क) डेबिट कार्ड (ख) क्रेडिट कार्ड और (ग) प्रीपेड कार्ड।

2. इन कार्डों को कौन जारी करता है?

उत्तर : डेबिट कार्ड बैंक द्वारा जारी किए जाते हैं और ये बैंक खाते से जुड़े हुए होते हैं। समान्यतया क्रेडिट कार्ड बैंकों द्वारा जारी किए जाते हैं किन्तु इन्हें अन्य प्राधिकृत संस्थाओं द्वारा भी जारी किया जा सकता है। प्रीपेड कार्ड, कार्डधारक द्वारा अग्रिम भुगतान किए गए मूल्य जो कि ऐसे कार्डों में सुरक्षित रहता है और जिसे कार्ड अथवा वालेट्स के रूप में जारी किया जा सकता है के आधार पर बैंकों/गैर-बैंकों द्वारा जारी किए जाते हैं।

3. डेबिट कार्ड के क्या उपयोग हैं?

उत्तर : डेबिट कार्ड का उपयोग एटीएम से नकदी आहरण में, पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनलों अथवा ई-कॉमर्स (ऑनलाइन खरीद) पर माल और सेवाओं की खरीद के लिए किया जा सकता है। जबकि उनका उपयोग देश में किया जा सकता है किन्तु यदि कार्ड धारक द्वारा अनुरोध किया जाए तो इसके अंतर्राष्ट्रीय उपयोग की अनुमति भी दी जा सकती है। उनका उपयोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को घरेलू निधि अंतरण के लिए भी किया जा सकता है।

4. क्रेडिट कार्ड के उपयोग क्या हैं?

उत्तर : क्रेडिट कार्ड का उपयोग पीओएस टर्मिनलों / ई-कॉमर्स (ऑनलाइन खरीद) में माल और सेवाओं के क्रय के लिए किया जाता है । इन कार्डों का उपयोग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जा सकता है (बशर्ते वे अंतरराष्ट्रीय उपयोग के लिए सक्षम किए गए हों)। क्रेडिट कार्डों का उपयोग एटीएम से नकदी आहरण के लिए और देश के भीतर बैंक खातों, डेबिट कार्डों, क्रेडिट कार्डों और प्रीपेड कार्डों में धन अंतरण के लिए भी किया जा सकता है।

5. प्रीपेड कार्डों के क्या उपयोग हैं?

उत्तर : प्रीपेड कार्डों का उपयोग इस बात पर निर्भर करता है कि ऐसे कार्ड को जारी करने वाला कौन है। प्रीपेड कार्ड ओपेन अथवा सेमी – क्लोज्ड हो सकते हैं। बैंकों द्वारा जारी किए गए ओपेन सिस्टम प्रीपेड कार्डों के द्वारा एटीएम से नकद निकालने, पीओएस टर्मिनल / ई-कॉमर्स (ऑनलाइन खरीद) पर माल और सेवाओं की खरीद और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक घरेलू धन अंतरण किया जा सकता है। सेमी क्लोज्ड सिस्टम प्रीपेड कार्ड प्राधिकृत बैंक और गैर बैंक संस्थाओं द्वारा जारी किया जा सकता है और इसका उपयोग पीओएस टर्मिनलों / ई-कॉमर्स (ऑनलाइन खरीद) पर माल और सेवाओं की खरीद और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक घरेलू धन अंतरण के लिए किया जा सकता है।

प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (पीपीआई) पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न के अंतर्गत पीपीआई पर और विस्तृत जानकारी दी गई है।

6. पीओएस टर्मिनल पर कार्ड का उपयोग करने के विभिन्न तरीके क्या हैं?

उत्तर : एक कार्ड को पीओएस टर्मिनल पर स्वाइप किया जा सकता है (चुंबकीय-स्ट्रिप कार्ड), अंदर प्रविष्ट किया जा सकता है (चिप आधारित कार्ड) या टैप किया जा सकता है (संपर्क रहित नियर फील्ड कम्यूनिकेशन {एनएफसी} कार्ड)।

7. मैगनेटिक स्ट्रिप कार्ड, ईएमवी चिप और पिन कार्ड और संपर्क रहित एनएफसी कार्ड क्या हैं?

उत्तर : मैगनेटिक स्ट्रिप कार्ड में कार्ड पर मौजूद मैगनेटिक स्ट्रिप पर कार्ड का डेटा संग्रहीत होता है जबकि ईएमवी चिप और पिन कार्ड में डेटा चिप में संग्रहीत किया जाता है। ईएमवी चिप और पिन कार्ड में कार्डधारक सत्यापन के लिए अतिरिक्त इनपुट के रूप में पिन आवश्यक है । एक संपर्क रहित एनएफसी कार्ड में कार्ड को कार्ड रीडर के पास रखा जाता है जिससे कार्ड की पहचान की जाती है। ईएमवी चिप और पिन कार्ड और संपर्क रहित एनएफसी कार्ड को मैगनेटिक स्ट्रिप वाले कार्ड की तुलना में सुरक्षित माना जाता है।

8. कार्ड प्रेजेंट (सीपी) और कार्ड नॉट प्रेजेंट (सी एन पी) लेन-देन क्या हैं?

उत्तर : कार्ड प्रेजेंट (सीपी) लेनदेन एक कार्ड लेनदेन है जो लेनदेन के स्थान पर कार्ड की भौतिक उपस्थिति के माध्यम से किया जाता है। इसे फेस-टू-फेस अथवा प्रोक्सिमिटी भुगतान लेन-देन के रूप में भी जाना जाता है। इसका एक उदाहरण है किसी एटीएम या किसी पीओएस टर्मिनल पर किया गया लेनदेन। एक कार्ड नॉट प्रेजेंट (सी एन पी) लेन-देन में कार्ड की भौतिक रूप से उपस्थिती की आवश्यकता नहीं होती है। इसे रिमोट लेनदेन भी कहा जाता है। इसका एक उदाहरण है ऑनलाइन लेन-देन अथवा मोबाइल बैंकिंग लेन-देन जिसमें कार्ड का उपयोग किया गया है।

9. कार्ड के माध्यम से नकदी निकासी या माल और सेवाओं की खरीद के लिए सीमा कौन तय करता है ?

उत्तर: एटीएम से नकद निकासी और माल और सेवाओं की खरीद के लिए सीमा के निर्धारण से संबन्धित निर्णय जारीकर्ता बैंक द्वारा लिया जाता है। पीओएस टर्मिनलों में डेबिट कार्ड का उपयोग कर नकद निकासी की सुविधा भी कुछ बैंकों द्वारा प्रदान की गई है, जिसके माध्यम से प्रतिदिन अधिकतम रु. 2000/- का आहरण किया जा सकता है।

10. क्या ऐसा कोई तरीका है जिसके माध्यम से ग्राहक तुरंत यह पता कर सके कि उसके कार्ड का उपयोग करते हुए धोखाधड़ी द्वारा लेनदेन किया गया है या नहीं ?

उत्तर: भारतीय रिजर्व बैंक कार्ड भुगतान को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न कदम उठाता रहा है। आरबीआई ने बैंकों को सभी कार्ड लेनदेन के लिए ऑनलाइन अलर्ट भेजने के लिए अधिदेशित किया है ताकि कार्ड धारक अपने कार्ड पर होने वाले लेनदेन से अवगत हो सके। इससे लाभ उठाने के लिए, कार्डधारकों को एसएमएस / ई-मेल अलर्ट के लिए पंजीकरण करने की सलाह दी जाती है।

11. कार्ड के माध्यम से किए जाने वाले लेनदेन को धोखाधड़ी से कैसे सुरक्षित रखा जाता है?

उत्तर : भारत में जारी किए गए सभी कार्डों पर किए गए सीपी और सीएनपी लेनदेनों को प्रमाणीकरण के अतिरिक्त कारक के साथ सुरक्षित किया गया है। प्रमाणीकरण का यह अतिरिक्त कारक किसी भी रूप में हो सकता है जिनमें से कुछ सामान्य रूप हैं पिन, डाइनेमिक वन टाइम पासवर्ड, स्टैटिक कोड इत्यादि। जहां विदेशी मुद्रा का बहिर्वाह किया जाना हो वहाँ प्रमाणीकरण के अतिरिक्त कारक (एएफए) की आवश्यकता नहीं होती है। इसी तरह से एनएफ़सी कांटैक्टलेस टेक्नोलोजी का प्रयोग करते हुए कार्ड प्रेजेंट लेनदेन के मामले में (एटीएम पर किए गए लेनदेन के मामलों को छोड़कर) 2,000/- रुपये तक के अधिकतम मूल्य के लेनदेनों को प्रमाणीकरण के अतिरिक्त कारक (एएफए) की आवश्यकता के बिना अनुमति प्रदान की गई है बशर्ते इसकी विशेष अनुमति ग्राहक से ली गई हो और ईएमवी मानकों का अनुपालन किया जाए।

12. एक अनधिकृत व्यक्ति द्वारा कार्ड के कपट पूर्वक उपयोग के मामले में बैंक की देयताएँ क्या हैं ?

उत्तर : कार्ड नॉट प्रेजेंट लेनदेन के मामले में आरबीआई ने घरेलू लेनदेन के लिए प्रमाणीकरण के अतिरिक्त कारक को उपलब्ध कराने का अधिदेश दिया है। यदि प्रमाणीकरण के अतिरिक्त कारक के बिना लेनदेन किया गया है और यदि ग्राहक ने शिकायत कर दी कि, यह लेनदेन उसके द्वारा नहीं किया गया है तो जारीकर्ता बैंक बिना किसी देरी के ग्राहक को नुकसान की प्रतिपूर्ति करेगा। इसके अलावा, एक बैंक के माध्यम से हुए अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में किसी ग्राहक की देयता को “ग्राहक सुरक्षा – अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में ग्राहकों की देयता को सीमित करना” विषय पर आरबीआई परिपत्र डीबीआर.सं.एलईजी.बीसी.78/09.07.005/2017-18 दिनांक 06 जुलाई 2017 में शामिल किया गया है।

13. मैगनेटिक स्ट्रिप कार्ड अथवा ईएमवी चिप और पिन कार्ड जारी करने के संबंध में बैंकों के लिए क्या अधिदेश दिया गया है?

उत्तर : आरबीआई ने यह अनिवार्य किया है कि जब तक ग्राहक द्वारा अंतरराष्ट्रीय उपयोग के लिए अनुरोध न किया जाए तब तक बैंक केवल घरेलू उपयोग के लिए नए डेबिट और क्रेडिट कार्ड जारी कर सकते हैं जब तक कि अंतरराष्ट्रीय उपयोग वाले कार्ड विशेष रूप से ग्राहक द्वारा मांगे न जाएँ। इस तरह के कार्ड जिनमें अंतरराष्ट्रीय उपयोग को सक्षम किया गया है उनमें आवश्यक रूप से ईएमवी चिप और पिन सक्षम किया गया होना चाहिए। बैंकों को यह भी सूचित किया गया है कि वे 31 दिसंबर 2018 से पहले सभी मौजूदा मैगनेटिक स्ट्रिप कार्डों को ईएमवी चिप और पिन कार्ड में परिवर्तित कर दें।

ये अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा केवल सूचना और सामान्य मार्गदर्शन उद्देश्यों के लिए जारी किए जाते हैं। इनके आधार पर की गई कार्रवाइयों और / या निर्णयों के लिए बैंक को उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है। स्पष्टीकरणों या व्याख्याओं के लिए, यदि कोई हो, बैंक द्वारा समय-समय पर जारी किए गए प्रासंगिक परिपत्रों और अधिसूचनाओं का संदर्भ लिया जा सकता है।

 
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