Commonperson website banner 1 Commonperson website banner 2 Beti Bachao Beti Padhao Logo
Download
the hindi
font
 
   हमारा परिचय     उपयोग सूचना     अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न     वित्तीय शिक्षण     शिकायतें   महत्वपूर्ण वेबसाइट     अतिरिक्त विषय 
Home >> Notification - Display
Date: 27/08/2015
प्वाइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) पर नकद आहरण - टीयर III से VI केन्द्रों में बढ़ी हुई सीमा

आरबीआई/2015-16/164
डीपीएसएस सीओ पीडी सं.449/02.14.003/2015-16

27 अगस्त 2015

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक / मुख्य कार्यपालक अधिकारी
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक/
शहरी सहकारी बैंक / राज्य सहकारी बैंक /
जिला केंद्रीय सहकारी बैंक / सभी कार्ड नेटवर्क प्रदाता

महोदय/महोदया,

प्वाइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) पर नकद आहरण - टीयर III से VI केन्द्रों में बढ़ी हुई सीमा

उपर्युक्त विषय पर हमारे दिनांक 22 जुलाई 2009 के परिपत्र डीपीएसएस.सीओ.पीडी.संख्या 147/02.14.003/2009-10 और दिनांक 5 सितंबर 2013 के परिपत्र डीपीएसएस.सीओ.पीडी.संख्या 563/02.14.003/2013-14 का संदर्भ लें जिसके अंतर्गत बैंकों द्वारा जारी किए गए सभी डेबिट कार्डों/ओपेन लूप प्रीपेड कार्डों द्वारा प्वाइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) पर प्रतिदिन 1000/- रुपये तक के नकद आहरण की अनुमति दी गई थी।

2. समीक्षा करने पर यह निर्णय लिया गया है कि, त्वरित प्रभाव से टीयर III से VI केन्द्रों में प्वाइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) (भारत में बैंकों द्वारा जारी किए गए डेबिट कार्ड और ओपेन सिस्टम प्रीपेड कार्ड) पर नकदी आहरण की सीमा को प्रतिदिन 1000/- रुपये से बढ़ाकर 2000 /- रुपये कर दिया जाए। टियर I और II केन्द्रों में प्रतिदिन की सीमा अपरिवर्तित रहेगी।

3. नकद आहरण पर ग्राहक प्रभार, यदि कोई हों तो वे सभी केन्द्रों पर 1000/2000 रुपये की सीमा के बावजूद लेनदेन की राशि के 1 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।

4. इस तरह की नकदी आहरण सुविधा बैंकों द्वारा निम्नलिखित शर्तों के अधीन प्रदान की जाएगी:

  1. समुचित सावधानी बरतने की प्रक्रिया के बाद बैंक द्वारा नामित व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस तरह के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सूचित किया जा सकता है कि वे ग्राहक द्वारा दिये जाने वाले प्रभार यदि कोई हों के साथ स्पष्ट रूप से यह दर्शाएँ /प्रदर्शित करें कि, यह सुविधा उनके पास उपलब्ध है।

  2. यह सुविधा उपलब्ध होगी चाहे कार्ड धारक क्रय करे या न करे। यदि इस सुविधा का लाभ वस्तुओं की खरीद के साथ-साथ उठाया जाता है तो प्राप्त रसीद में पृथक रूप से आहरित नकदी को दर्शाया जाएगा।

  3. इस सुविधा को उपलब्ध कराने वाले बैंकों को एक प्रभावी ग्राहक शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करना होगा । इस संबंध में प्राप्त शिकायतें रिज़र्व बैंक – एकीकृत लोकपाल योजना, 2021 (समय-समय पर यथा संशोधित) के दायरे में आएंगी ।

5. कार्ड जारी करने वाले बैंक जिन्होंने यह प्रक्रिया आरंभ की है वे अपने ग्राहकों के बीच इस सुविधा के संबंध में पर्याप्त जागरूकता पैदा करें।

6. बैंकों को सूचित किया जाता है कि, वे नकदी आहरण से संबन्धित आंकड़े मुख्य महाप्रबंधक, भुगतान और निपटान प्रणाली विभाग, मुंबई, 400001 के समक्ष तिमाही आधार पर तिमाही की समाप्ति पर 15 दिनों के भीतर संलग्न प्रारूप में प्रस्तुत करें।

7. उक्त योजना की समीक्षा ई-भुगतान और अन्य संबंधित गतिविधियों में हुई प्रगति को देखते हुए की जाएगी।

8. यह निर्देश भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 (2007 का अधिनियम 51) की धारा 18 के साथ पठित धारा 10 (2) के तहत जारी किया गया है।

भवदीया

(नन्दा एस. दवे)
मुख्य महाप्रबंधक


अनुबंध

प्वाइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) पर नकदी आहरण लेन-देन संबंधी त्रैमासिक रिपोर्ट -
डीपीएसएस.पीडी.सं./449/02.14.003/2015-16 27 अगस्त 2015

बैंक का नाम:
समाप्त तिमाही :

केन्द्र पीओएस पर नकदी हेतु समर्थित मर्चेन्ट पॉइंट्स
(संचयी)
(ऑन-अस) (ऑफ अस)
तिमाही के दौरान लेनदेन की मात्रा तिमाही के दौरान लेनदेन का मूल्य (राशि रुपए में) तिमाही के दौरान लेनदेन की मात्रा तिमाही के दौरान लेनदेन का मूल्य (राशि रुपए में)
टियर I          
टियर II          
टियर III          
टियर IV          
टियर V          
टियर VI          
कुल          
 
   भारतीय रिज़र्व बैंक सर्वाधिकार सुरक्षित

इंटरनेट एक्सप्लोरर 5 और उससे अधिक के 1024 X 768 रिजोल्यूशन में अच्छी प्रकार देखा जा सकता है।