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Date: 29/06/2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि सिटीज़न्स अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, जालंधर, पंजाब पर मौद्रिक दंड लगाया

29 जून 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि सिटीज़न्स अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, जालंधर, पंजाब पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 25 जून 2026 के आदेश द्वारा दि सिटीज़न्स अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, जालंधर, पंजाब (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक/अन्य प्रतिबंध’ तथा ‘प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों का व्यापक साइबर सुरक्षा ढांचा- एक श्रेणीकृत दृष्टिकोण’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए 5 लाख (पाँच लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

31 मार्च 2025 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में आरबीआई द्वारा बैंक का सांविधिक निरीक्षण किया गया। आरबीआई निदेशों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों और तत्संबंधी पत्राचार के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे यह पूछा गया कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के उत्तर और इसके द्वारा की गई अतिरिक्त प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि बैंक के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुए हैं, जिनके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:

बैंक ने:

  1. कतिपय नाममात्र सदस्यों को निर्धारित विनियामकीय सीमा से अधिक ऋण स्वीकृत किए; और

  2. कोर बैंकिंग समाधान के एक्सेस हेतु द्विस्तरीय प्रमाणीकरण की व्यवस्था नहीं की।

यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा बैंक के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/560

 
   भारतीय रिज़र्व बैंक सर्वाधिकार सुरक्षित

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