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Date: 02/08/2017
चलनिधि मानकों पर बासल III ढांचा – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), चलनिधि जोखिम निगरानी उपाय और एलसीआर प्रकटीकरण मानक

भा.रि.बैं./2017-18/36
बैंविवि.सं.बीपी.बीसी.81/21.04.098/2017-18

2 अगस्त 2017

सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक
(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर)

महोदया/महोदय,

चलनिधि मानकों पर बासल III ढांचा – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), चलनिधि जोखिम निगरानी उपाय और एलसीआर प्रकटीकरण मानक

कृपया "चलनिधि मानकों पर बासल III ढांचा – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), चलनिधि जोखिम निगरानी उपाय और एलसीआर प्रकटीकरण मानक" पर हमारे दिनांक 9 जून 2014 के परिपत्र बैंपविवि.बीपी.बीसी.सं.120/21.04.098/2013-14 के साथ पठित निम्नलिखित परिपत्रों में किए गए संशोधन देखें:

  1. "चलनिधि मानकों पर बासल III ढांचा – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), चलनिधि जोखिम निगरानी उपाय और एलसीआर प्रकटीकरण मानक" पर 28 नवंबर 2014 का बैपविवि.बीपी.बीसी.सं.52/21.04.098/2014-15।

  2. "पूंजी पर्याप्तता और चलनिधि मानकों पर विवेकपूर्ण दिशानिर्देश – संशोधन" पर 31 मार्च 2015 का बैविवि.बीपी.बीसी.सं.80/21.06.201/2014-15।

  3. "चलनिधि जोखिम प्रबंध तथा चलनिधि मानकों पर बासल III ढांचा – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), चलनिधि जोखिम निगरानी उपाय और एलसीआर प्रकटीकरण मानक" पर 23 मार्च 2016 का बैविवि.बीपी.बीसी.सं.86/21.04.098/2015-16।

2. हितधारकों से प्राप्त फीडबैक और प्राप्त अनुभव को देखते हुए, इन दिशानिर्देशों के कतिपय प्रावधानों को संशोधित करने का निर्णय लिया गया है। उपर्युक्त परिपत्रों विनिर्दिष्ट अनुदेशों में संशोधन अनुबंध में दिए गए हैं।

भवदीय,

(एस एस बारिक)
प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक

संलग्नक - यथोक्त


अनुबंध

“चलनिधि मानकों पर बासल III ढांचा – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), चलनिधि जोखिम निगरानी उपाय और एलसीआर प्रकटीकरण मानक" पर दिनांक 9 जून 2014 के बैपविवि.बीपी.बीसी.सं.120/21.04.098/2013-14 में संशोधन

क्र. पैरा मौजूदा संशोधित
1 5.4

5.4 बैंक की स्‍तर 1 आस्तियों में निम्‍नलिखित शामिल है तथा इन आस्तियों को बिना किसी सीमा के और बिना कोई हेयरकट लागू किए चलनिधि आस्तियों के स्‍टॉक में शामिल किया जा सकता है:

i. अपेक्षित सीआरआर से अधिक नकद आरक्षित निधियों सहित नकद।

ii. न्‍यूनतम एसएलआर अपेक्षाओं से आधिक्‍य में सरकारी प्रतिभूतियां।

iii. अनिवार्य एसएलआर अपेक्षा के भीतर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा मार्जिनल स्‍टैंडिंग फैसिलिटी (एमएफएस) के अंतर्गत अनुमत सीमा तक सरकारी प्रतिभूतियां।

iv. विदेशी सरकारों द्वारा जारी या गारंटीकृत बाजार योग्‍य प्रतिभूतियां, जो निम्‍नलिखित सभी शर्तों को पूरा करती हैं।

(a) ऋण जोखिम के लिए बासल II मानकीकृत पद्धति से 0% जोखिम भार लगाया गया हो;

(b) संकेंद्रीकरण के निम्‍न स्‍तर की विशेषता वाले बड़े, गहरे और सक्रिय रेपो अथवा नकद बाजारों में सौदा किया गया हो; तथा दबावपूर्ण बाजार परिस्थितियों के दौरान भी बाजार में चलनिधि के भरोसेमंद स्रोत के रूप में प्रमाणित रिकॉर्ड हो।

(c) किसी बैंक/वित्‍तीय संस्‍था/गैर-बैकिंग वित्‍तीय संस्‍था अथवा उसकी संबद्ध संस्था द्वारा जारी न किया गया हो।

5.4 बैंकों की स्‍तर 1 आस्तियों में निम्‍नलिखित शामिल है तथा इन आस्तियों को बिना किसी सीमा के और बिना कोई हेयरकट लागू किए चलनिधि आस्तियों के स्‍टॉक में शामिल किया जा सकता है:

i. अपेक्षित सीआरआर से अधिक नकद आरक्षित निधियों सहित नकद।

i(क) भारत में निगमित बैंकों के लिए

  • विदेशी केंद्रीय बैंकों के पास अपेक्षित आरक्षित निधि से अधिक रखी गई आरक्षित निधियां1, जहां विदेशी सरकार को किसी अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी द्वारा 0% जोखिम भार दिया गया है।

  • विदेशी केंद्रीय बैंकों के पास अपेक्षित आरक्षित निधि से अधिक रखी गई आरक्षित निधि, उस सीमा तक जहां तक यह जमाशेष उस विशिष्ट मुद्रा में बैंक के दबावग्रस्त निवल नकदी बहिर्वाह को कवर करता है, ऐसे मामलों में, जहां किसी विदेशी सरकार को किसी अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी द्वारा 0% जोखिम भार नहीं दिया गया है लेकिन बासल II ढांचे के तहत राष्ट्रीय विवेक पर 0% जोखिम भार दिया गया है।

ii. न्‍यूनतम एसएलआर अपेक्षाओं से आधिक सरकारी प्रतिभूतियां।

iii. अनिवार्य एसएलआर अपेक्षा के भीतर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा मार्जिनल स्‍टैंडिंग फैसिलिटी (एमएफएस) के अंतर्गत अनुमत सीमा2 तक सरकारी प्रतिभूतियां।

iv. विदेशी सरकारों द्वारा जारी या गारंटीकृत बाजार योग्‍य प्रतिभूतियां3, जो निम्‍नलिखित सभी शर्तों को पूरा करती हैं।

(a) ऋण जोखिम के लिए बासल II मानकीकृत पद्धति से 0% जोखिम भार लगाया गया हो;

(b) संकेंद्रीकरण के निम्‍न स्‍तर की विशेषता वाले बड़े, गहरे और सक्रिय रेपो अथवा नकद बाजारों में सौदा किया गया हो; तथा दबावपूर्ण बाजार परिस्थितियों के दौरान भी बाजार में चलनिधि के भरोसेमंद स्रोत के रूप में प्रमाणित रिकॉर्ड हो।

(c) किसी बैंक/वित्‍तीय संस्‍था/गैर-बैकिंग वित्‍तीय संस्‍था अथवा उसकी संबद्ध संस्था द्वारा जारी न किया गया हो।


1 केंद्रीय बैंक की आरक्षित निधियों में केंद्रीय बैंकों के पास रखी गई एकदिवसीय जमाराशि और केंद्रीय बैंकों के पास रखी वे मीयादी जमाएँ शामिल हैं जो: (i) जमाकर्ता बैंक के नोटिस पर सपष्टतः और संविदागत रूप से वापसी योग्य हों,या (ii) वैसे ऋण हों, जिनके आधार पर बैंक मीयादी या एकदिवसीय कर्ज ले सकता है, जिनका स्वतः पुनर्नवीकरण हो जाए (सिर्फ तभी जब बैंक की सबंधित केंद्रीय बैंक में जमाराशि मौजूद हो)। केंद्रीय बैंक के पास रखी अन्य मीयादी जमाएँ एचक्यूएलए के स्टॉक की पात्र नहीं हैं। तथापि, यदि अवधि 30 दिन में समाप्त हो रही हो तो मीयादी जमाराशि को अंतर्वाह के रूप में माना जा सकता है।

2 निवल मांग और मीयादी देयताओं के 2 प्रतिशत सीमा तक सरकारी प्रतिभूतियों को शामिल किया जा सकता है, अर्थात् वर्तमान में एमएसएफ के अधीन अनुमत।

3 बासल III पूंजी विनियमावली' पर 01 जुलाई 2013 के मास्‍टर परिपत्र के पैराग्राफ 5.3.1 के अनुसार इन प्रतिभूतियों में केवल वे बाजारयोग्‍य प्रतिभूतियां शामिल की जाएंगी, जिन पर 0% जोखिम भार है। ऐसे मामलों में जहां किसी अंतर्राष्‍ट्रीय रेटिंग एजेंसी द्वारा किसी विदेशी संप्रभु को गैर 0% जोखिम भार दिया गया हो, किंतु बासल II संरचना के अंतर्गत राष्‍ट्रीय विवेक से 0% जोखिम भार दिया गया हो, उस विदेशी सरकार द्वारा जारी या गारंटीकृत बिक्रीयोग्‍य प्रतिभूतियों को उसके देशी क्षेत्राधिकार के भीतर उस सीमा तक अनुमति दी जाएगी, जहां बैंक की चलनिधि जोखिम ली जा रही है, उस क्षेत्राधिकार में बैंक के परिचालनों से उत्‍पन्‍न विनिर्दिष्‍ट विदेशी मुद्रा में वे प्रतिभूतियां जिस सीमा तक बैंक के निवल नकद बहिर्प्रवाह को कवर करती हैं।

 
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