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Date: 30/08/2013
8% बचत (कर योग्य) बांड, 2003 - समयपूर्व नकदीकरण

आरबीआई/2013-14 /206
डीजीबीए.सीडीडी. सं 1448/13.01.299/2013-14

30 अगस्त 2013

अध्यक्ष / प्रबंध निदेशक
प्रधान कार्यालय (सरकारी लेखा विभाग)
भारतीय स्टेट बैंक और एसोसिएट्स
सभी राष्ट्रीयकृत बैंक
(पंजाब एंड सिंध बैंक और आंध्रा बैंक को छोड़कर)
एक्सिस बैंक लि. / आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड. / एचडीएफसी बैंक लिमिटेड /
स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल)

प्रिय महोदय / महोदया,

8% बचत (कर योग्य) बांड, 2003 - समयपूर्व नकदीकरण

उपरोक्त बॉन्ड, जो 21 अप्रैल 2003 से भारत सरकार की अधिसूचना संख्या एफ 4 (10) डब्ल्यू एंड एम/2003  दिनांक 21 मार्च 2003 और बाद की अधिसूचना संख्या एफ 4(10) डब्ल्यू एंड एम/2003 दिनांक 2 अप्रैल 2003 के द्वारा जारी किए गए थे, जारी करने की तारीख से छह साल की समाप्ति पर प्रतिदेय हैं। समयपूर्व नकदीकरण इस योजना के तहत अनुमत नहीं था।

2. भारत सरकार ने अब 29 जुलाई 2013 और 16 अगस्त 2013 की अधिसूचना (प्रतियां संलग्न) से इन बांडों को साठ वर्ष और ऊपर के आयु वर्ग में व्यक्तिगत निवेशकों के लिए, जारी होने की तिथि से तीन साल की न्यूनतम लॉक इन अवधि के बाद, समयपूर्व नकदीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला निम्नानुसार किया गया है:

(ए) 60 से 70 वर्ष के आयु वर्ग में निवेशकों हेतु लॉक इन अवधि निर्गम तिथि से 5 वर्ष होगी।
(बी) 70 से 80 वर्ष के आयु वर्ग में निवेशकों हेतु लॉक इन अवधि निर्गम तिथि से 4 वर्ष होगी।
(सी) 80 वर्ष और अधिक के आयु वर्ग में निवेशकों हेतु लॉक इन अवधि निर्गम तिथि से 3 वर्ष होगी।

3. समयपूर्व नकदीकरण की सुविधा का लाभ उठाने के इच्छुक निवेशक को उसकी जन्म-तारीख के समर्थन में एजेंसी बैंक को संतुष्ट करने वाला दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा। संयुक्त धारकों या एक बॉन्ड के दो से अधिक धारकों के मामले में, धारकों में से किसी एक को पात्रता की उपरोक्त शर्तों को पूरा करना चाहिए।

4. जारी करने की तारीख से उक्त न्यूनतम लॉक इन अवधि के बाद पात्र निवेशक 10वें या 8वें या 6वें अर्ध वर्ष, तत्संबंधी लॉक इन अवधि से संगत, जो भी लागू हो, के बाद किसी भी समय बांड का अभ्यर्पण कर सकते हैं। तथापि, नकदीकरण भुगतान निम्नांकित ब्याज भुगतान देय तिथि पर किया जाएगा। इस प्रकार, गैर संचयी बांड के मामले में पात्र निवेशकों के लिए समयपूर्व नकदीकरण की प्रभावी तिथि, पात्रता मानदंड के अनुसार, लॉक इन अवधि के पूरा होने के बाद, हर वर्ष 1 अगस्त और 1 फ़रवरी होगी और संचयी बांड के लिए, यह अनुमानतः 7वीं या 9वीं या 11वीं छमाही ब्याज भुगतान देय तिथि होगी (यह तारीख कोई भी तारीख हो सकती है और जरूरी  नहीं कि 1 अगस्त और 1 फ़रवरी ही हो)। हालांकि ऐसे मामलों में संचयी और गैर संचयी दोनों बांडों के संबंध में अंतिम छह महीनों की होल्डिंग अवधि के लिए बकाया और देय ब्याज का 50% निवेशक से समयपूर्व नकदीकरण के लिए जुर्माने के रूप में वसूल किया जाएगा।

संबंधित अर्ध वर्ष के पूरा होने पर प्रति `1000 का निवेश के लिए देय राशि नीचे दी गई है:

देय तारीख

प्रति `1000 का निवेश के लिए देय राशि (` में)

गैर-संचयी

संचयी

7वां अर्ध वर्ष

1020.00

1290.63

8वां अर्ध वर्ष

1020.00

1342.25

9वां अर्ध वर्ष

1020.00

1395.94

10वां अर्ध वर्ष

1020.00

1451.78

11वां अर्ध वर्ष

1020.00

1509.85

5. समयपूर्व नकदीकरण संबंधी प्रावधानों को हम निम्नानुसार आगे और स्पष्ट करते हैं:-

i)  समयपूर्व नकदीकरण का तात्पर्य है कि किसी एकल आवेदनपत्र के माध्यम से 8% बचत (कर योग्य) बांड, 2003 के संबंध में निवेशित संपूर्ण राशि का नकदीकरण, जिसे जारी किए जाने की तारीख से पात्रता मानदंडों के अनुसार न्यूनतम लॉक-इन अवधि पूरी हो गई है। इस प्रकार निवेशक को किसी एकल आवेदनपत्र के आधार पर किए गए निवेश की संपूर्ण राशि को आहरित करने की अनुमति दी जा सकती है। तथापि यदि धारक का समान बॉन्ड लेजर खाते में बहुविध निवेश है तो उसे एक अथवा अधिक निवेश(शों) के लिए, जिसे जारी किए जाने की तारीख से पात्रता मानदंडों के अनुसार, न्यूनतम लॉक-इन अवधि पूरी हो गई है, एक अथवा अधिक अनुरोध करना होगा।

ii)  एकल आवेदन पत्र के माध्यम से किए गए निवेश की राशि के आंशिक नकदीकरण की अनुमति नहीं है।

iii)  निवेश के समय पात्र निवेशकों को उत्तर दिनांकित ब्याज अधिपत्र जारी किए जाने के मामले में उनके द्वारा समयपूर्व नकदीकरण के अनुरोध के साथ इसे अभ्यर्पित करना अपेक्षित होगा।

iv)  समयपूर्व नकदीकरण संबंधी अनुरोध प्रस्तुत करते समय निवेशक को कोई विशेष फार्म / घोषणापत्र नहीं भरना है।

v)  निवेशक को सामान्य फार्म 1ए में उन्मोचन (डिस्चार्ज) प्रमाणपत्र के साथ संपूर्ण राशि का समयपूर्व नकदीकरण किए जाने के लिए एक अनुरोध, जैसा कि वर्तमान में मांगा जाता है, प्रस्तुत करना आवश्यक है।

6. ब्याज अधिपत्र प्रेषित कर दिए जाने के बाद भी निवेशक को समयपूर्व नकदीकरण की अनुमति दी जा सकती है लेकिन अगर ऐसे अनुरोध ब्याज अधिपत्र भेज दिए जाने के बाद प्राप्त होंगे तो इसके साथ निवेशक को जारी किए गए अंतिम छमाही के ब्याज अधिपत्र संलग्न करने होंगे। तथापि ऐसे मामले जहाँ ब्याज अधिपत्र पहले ही प्रेषित कर दिए गए हैं और धारक को ये प्राप्त नहीं हुए हैं अथवा धारक ने इन्हें भुगतान हेतु प्रस्तुत नहीं किया है तो समयपूर्व नकदीकरण संबंधी अनुरोध को इस शर्त पर स्वीकार किया जाएगा कि धारकता(होल्डिंग) अवधि की अंतिम छमाही के लिए बकाया और देय ब्याज के 50% की राशि मूलधन में से काट ली जाएगी और इसे सीएएस, नागपुर में अनुरक्षित ब्याज खाते में जमा कर दिया जाएगा। यदि समयपूर्व नकदीकरण संबंधी अनुरोध पर्याप्त समय पूर्व प्राप्त होता है तो मामले के अनुसार अगली छमाही के लिए बकाया तारीख अर्थात् 1 अगस्त / 1 फरवरी के लिए नकदीकरण की राशि के लिए भुगतान आदेश एनईएफटी / एनईसीएस के माध्यम से खाते में जमा किया जाएगा। ऐसे अनुरोध पर्याप्त समय पूर्व प्राप्त न होने के मामले में जारीकर्ता कार्यालय भुगतान करने हेतु पाँच स्पष्ट कार्य दिवस ले सकते हैं।

7. इस योजना को परिचालित करने वाली निर्दिष्ट शाखाओं को उपयुक्त अनुदेश जारी किए जाएं ताकि वे समयपूर्व नकदीकरण की प्रक्रिया अपनाने के लिए सिस्टम में आवश्यक परिवर्तन कर सकें। समयपूर्व नकदीकरण संबंधी विकल्प को संबंधित शाखाओं में उपयुक्त रूप से प्रदर्शित भी किया जाए।

8. कृपया प्राप्ति सूचना भेजें।

भवदीया

(संगीता लालवानी)
महाप्रबंधक

संलग्नक : यथोक्त

 
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