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nesce >> FAQs - Display
Date: 25/04/2019
अनिवासियों द्वारा भारत में खोले जाने वाले खाते

(25 अप्रैल 2019 की स्थिति के अनुसार अद्यतन)

प्रश्न 1. अनिवासी भारतीय किसे कहा जाता है?
प्रश्न 2. भारतीय मूल का व्यक्ति(पीआईओ) किसे कहा जाता है?
प्रश्न 3. भारत में अनिवासियों द्वारा कौनसे मुख्य खाते खोले जा सकते हैं?
प्रश्न 4. क्या कोई बांग्लादेशी / पाकिस्तानी राष्ट्रिक अथवा बांग्लादेश /पाकिस्तान से नियंत्रित/ के स्वामित्वाधिन कंपनी का भारत में खाता हो सकता है?
प्रश्न 5. भारत का दौरा करने वाले यात्री कौनसे खाते खोल सकता है?
प्रश्न 6. विशेष अनिवासी रुपया (SNRR) खाता क्या है? इसमें तथा एनआरओ खाते में क्या अंतर है?
प्रश्न 7. विदेशी राजनयिक शिष्टमंडलों / कार्मिकों तथा भारत में उनके परिवार के सदस्यों द्वारा कौनसी जमाराशियां धारित की जा सकती हैं?
प्रश्न 8. क्या नेपाल तथा भूटान के निवासी भारत में खाता खोल सकते हैं?
प्रश्न 9. क्या बहुपक्षीय संगठन के भारत में खाते/ जमाराशियाँ हो सकती हैं?
प्रश्न 10. क्या कोई भारतीय कंपनी, कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 160 के अनुपालन में अनिवासियों से जमाराशियां स्वीकार कर सकती है?
प्रश्न 11. क्या कोई विदेशी संविभाग निवेशक अथवा कोई विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक भारत में विदेशी मुद्रा खाता खोल सकता है?
प्रश्न 12. भारत में कौन तथा किस प्रयोजन से एस्करो खाते खोल सकता है?

प्रश्न 1. अनिवासी भारतीय किसे कहा जाता है?

उत्तर : ‘अनिवासी भारतीय’ (एनआरआई) भारत से बाहर निवास करने वाला कोई भी व्यक्ति है, जो भारत का नागरिक है।

प्रश्न 2. भारतीय मूल का व्यक्ति (पीआईओ) किसे कहा जाता है?

उत्तर: ‘भारतीय मूल का व्यक्ति’ (पीआईओ) भारत से बाहर का निवासी वह व्यक्ति है, जो बांग्लादेश या पाकिस्तान के अलावा, भारत सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट किसी अन्य देश का नागरिक है, और निम्नलिखित शर्तें पूरी करता है:

(ए) जो भारतीय संविधान के अनुसार अथवा नागरिकता अधिनियम, 1955 (1955 का 57) के अनुसार भारत का नागरिक था, अथवा;

(बी) वह ऐसे भौगोलिक क्षेत्र से था, जो 15 अगस्त 1947 के बाद भारत का हिस्सा बन गया; अथवा

(सी) भारतीय नागरिक का या खंड (ए) या (बी) में उल्लिखित व्यक्ति का पुत्र/पुत्री या पोता/पोती अथवा या पर-पोता/ पर-पोती है; अथवा

(डी) भारतीय नागरिक का/की पति/ पत्नी है, जो विदेशी मूल का है, अथवा ऊपर उल्लिखित खंड (ए) (बी) या (सी) में उल्लिखित किसी व्यक्ति का विदेशी मूल का/की पति/पत्नी है।

स्पष्टीकरण- पीआईओ में नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7(ए) की परिभाषा के भीतर ‘प्रवासी भारतीय नागरिक कार्ड-धारक” भी शामिल है। इस प्रकार के प्रवासी भारतीय नागरिक कार्ड-धारक को भारत के बाहर निवास करने वाला व्यक्ति होना चाहिए।

प्रश्न 3. भारत में अनिवासियों द्वारा कौनसे मुख्य खाते खोले जा सकते हैं?

विवरण अनिवासी (बाहरी) रुपया खाता योजना (एनआरई खाता) विदेशी मुद्रा(अनिवासी) (बैंक) खाता योजना – FCNR (B) खाता अनिवासी (सामान्य) रुपया खाता योजना – एनआरओ खाता
खाता कौन खोल सकता है? एनआरआई/ पीआईओ

पाकिस्तान तथा बांग्लादेश के व्यक्ति/ संस्थाएओं के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक का पूर्वानुमोदन आवश्यक है।
भारतीय रूपयों में वर्गीकृत वास्तविक लेनदेन करने के लिए भारत के बाहर का कोई निवासी।

पाकिस्तान की राष्ट्रियता/ मूल वाले व्यक्ति/ संस्थाएओं तथा बांग्लादेशी मूल वाली संस्थाएओं के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक का पूर्वानुमोदन आवश्यक है।

भारत में निवास करने वाले पाकिस्तान/ बांग्लादेश के नागरिक जो कि उन देशों में अल्पसंख्यक समुदायों (हिन्दू, सीख, बुद्धिस्ट, जैन, पारसी तथा ईसाई) से हैं, तथा जिन्हें दीर्घावधि वीसा (एलटीवी) प्रदान किया गया है अथवा एलटीवी के लिए जिनका आवेदन विचाराधीन है, किसी प्राधिकृत व्यापारी बैंक के पास केवल एक एनआरओ खाता खोल सकते हैं और वह समय-समय पर अद्यतन की गई 1 अप्रैल 2016 की अधिसूचना सं. फेमा 5(आर)/2016-आरबी में उल्लिखित शर्तों के अधीन होगा।

भारत में डाक घर भारत से बाहर के निवासी व्यक्तियों कें नाम में बचत बैंक खाता खोल सकते हैं और उन्हीं शर्तों के अधीन प्रचालन की अनुमति दे सकते हैं जो प्राधिकृत व्यापारी/ प्राधिकृत बैंक के पास रखे एनआरओ खातों पर लागू हैं ।
संयुक्त खाता दो अथवा उससे अधिक एनआरआई/ पीआईओ के नाम पर संयुक्त रूप से धारित किए जा सकते हैं।

एनआरआई / पीआईओ द्वारा निवासी रिश्तेदार के साथ ‘पूर्ववर्ती पहला या उत्तरजीवी’ आधार पर संयुक्त रूप से धारित किए जा सकते हैं (रिश्तेदार का तात्पर्य कंपनी अधिनियम, 2013 में परिभाषित किए गए अर्थ से है) । तथापि, एनआरआई/ पीआईओ खाताधारक के जीवनकाल के दौरान निवासी रिश्तेदार मुख्तारनामा धारक के रूप में खाता परिचालित कर सकता है।
02 अथवा उससे अधिक एनआरआई/ पीआईओ के नाम पर संयुक्त रूप से धारित किए जा सकते हैं। निवासी व्यक्तियों के साथ खाते सँयुक्त रूप से “पूर्ववर्ती व्यक्ति या उत्तरजीवी व्यक्ति’ के आधार पर धारित किए जा सकते हैं ।
मुद्रा भारतीय रुपया कोई भी अनुमत मुद्रा अर्थात कोई विदेशी मुद्रा जो मुक्त रूप से परिवर्तनीय है। भारतीय रुपया
खाते का स्वरूप बचत, चालू, आवर्ती, नियात अवधि खाता केवल मियादी जमा बचत, चालू, आवर्ती, नियात अवधि खाता
नियत जमाराशियों के लिए अवधि एक से तीन वर्ष की अवधि के लिए, तथापि बैंकों को उनकी आस्ति-देयता की दृष्टि से तीन वर्ष की अवधि से अधिक अवधि के लिए एनआरई जमाराशियाँ स्वीकृत करने की अनुमति दी गई है। ऐसी अवधि जो कि एक वर्ष से कम नहीं है और 5 से अनधिक है। निवासी खातों पर यथालागू
अनुमेय जमा इस खाते में अनुमत क्रेडिट हैं, भारत के बाहर से आवक विप्रेषण, खाते में उपचित हो रहा ब्याज, निवेश पर ब्याज, अन्य एनआरई / एफसीएनआर (बी) खातों से अंतरण, निवेशों से परिपक्वता राशियां (यदि ऐसे निवेश इस खाते से या आवक विप्रेषण के माध्यम से किए गए हैं)

चालू आय जैसे कि भाडा, लाभांश, पेंशन, ब्याज आदि को एनआरई खाते में अनुमत क्रेडिट माना जायेगा

सावधानी: केवल वे क्रेडिट जिनका प्रत्यावर्तनीय स्वरूप खो नहीं गया है।
भारत से बाहर से आवक विप्रेषण, भारत में वैध देयताएं और अन्य एनआरओ खातों से अंतरण एनआरओ खाते में अनुमत एनआरओ क्रेडिट है ।

उदारीकृत विप्रेषण योजना के अधीन निर्धारित सीमा के भीतर निवासी द्वारा एनआरआई/ पीआईओ रिश्तेदार को दिए गए रूपया उपहार/ ऋण रिश्तेदार के एनआरओ खाते में जमा किए जाए ।
अनुमेय डेबिट इस खाते से अनुमत डेबिट है – स्थानीय संवितरण, भारत के बाहर विप्रेषण, अन्य एनआरई / एफसीएनआर (बी) खाते में अंतरण और भारत में निवेश। स्थानीय भुगतानों के प्रयोजनों अन्य एनआरओ खातों में अंतरण या विदेश में वर्तमान आय के विप्रेषण के लिए खाता डेबिट किया जा सकता है ।

विदेशी मुद्रा प्रबंध (आस्तियों का विप्रेषण) विनियम 2016 में निर्धारित शर्तों के अधीन एनआरआई/ पीआईओ द्वारा 1 मिलियन अमरिकी डालर तक के प्रत्यावर्तन को छोड़कर इन के अलावा एनआरओ खाते में शेष विदेश में प्रत्यावर्तित नहीं किए जा सकते हैं।

इस 1 मिलियन अमरीकी डॉलर सुविधा के भीतर निधियां एनआरई खाते में अंतरित की जा सकती हैं।
प्रत्यावर्तनीयता प्रत्यावर्तनीय संपूर्ण वर्तमान आय को अन्य राशि प्रत्यावर्तनीय नहीं है।

एनआरआई/ पीआईओ के एनआरओ खातों में शेष राशियाँ उनकी अन्य पात्र आस्तियों सहित प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 1(एक) मिलियन अमरीकी डॉलर तक विप्रेषित की जा सकती हैं।
कर देयता खातों में अर्जित आय आय कर से मुक्त हैं तथा उनमें शेष राशियाँ संपत्ति कर से मुक्त हैं। कर योग्य
भारत में ऋण भारत में प्राधिकृत व्यापारी/ बैंक सामान्य मार्जिन आवश्यकताओं की शर्त के अधीन, बिना किसी सीमा के, खाता धारक/ अन्य पार्टी को ऋण दे सकते हैं । ये ऋण भारत से बाहर प्रत्यावर्तित नहीं किए जा सकते हैं तथा भारत में भी इनका उपयोग केवल विनियमावली में निर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए ही किया जा सकता है।

किसी थर्ड पार्टी को मंजूर किए गए ऋणों के मामले में इस प्रकार की सुविधाएं निवासी व्यक्ति/ फ़र्म/ कंपनी को प्राप्त हो सकें इसलिए अपनी जमाराशियों को गिरवी रखने के लिए सहमत होने वाले अनिवासी-जमाकर्ता के लिए विदेशी मुद्रा में कोई भी प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष कंसिडेरेशन नहीं होना चाहिए।

खाताधारक को मंजूर किए गए ऋण के संबंध में, इसकी चुकौती या तो जमा राशियों में से समायोजन द्वारा या सामान्य बैंकिंग चैनल के माध्यम से भारत से बाहर आवक विप्रेषणों में से या खाता धारक के एनआरओ खाते में शेष से की जा सकती है ।

जमा राशियों के समयपूर्व आहरण की सुविधा वहाँ उपलब्ध नहीं होगी जहाँ ऐसी जमाराशियों के विरूद्ध ऋण लिए गए हैं। ऋण में सभी प्रकार की निधि आधारित/ गैर-निधि आधारित सुविधाए शामिल होंगी ।
सामान्य शर्तों और मार्जिन आवश्यकताओं के अधीन जमाराशियों के विरूद्ध खाता धारक या अन्य पार्टी को भारत में ऋण प्रदान किए जा सकते हैं । ऋण राशि का प्रयोग पुन: उधार देने, कृषि/ प्लान्टेशन गतिविधियों या अचल संपत्ति में निवेश के लिए नहीं किया जाएगा।

ऋण में सभी प्रकार की निधि आधारित/ गैर-निधि आधारित सुविधाए शामिल होंगी ।
भारत के बाहर ऋण प्राधिकृत व्यापारी भारत में एनआरआई/ एफ़सीएनआर(बी) खातों में धारित निधियों की जमानत पर वास्तविक/ अनुमेय प्रयोजनों के लिए सामान्य मार्जिन अपेक्षाओं के अधीन भारत से बाहर अपनी शाखाओं/ प्रतिनिधि बैंकों को अनिवासी जमाकर्ताओं को अथवा उनके पक्ष में अथवा जमाकर्ता के अनुरोध पर थर्ड पार्टियों को ऋण प्रदान करने की अनुमति दे सकते हैं।

ऋण में सभी प्रकार की निधि आधारित/ गैर-निधि आधारित सुविधाए शामिल होंगी ।
अनुमति नहीं है।
ब्याज की दर बैंकिंग विनियमन विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार
निवासी के पक्ष में पावर ऑफ एटॉर्नी द्वारा परिचालन पावर ऑफ एटॉर्नी के अनुसार खाते में किए जाने वाले परिचालन, अनुमेय स्थानीय भुगतान अथवा सामान्य बैंकिंग चैनलों के माध्यम से स्वयं खाता धारक को विप्रेषण करने के लिए किए जानेवाले आहरणों तक सीमित है। पावर ऑफ एटॉर्नी के अनुसार खाते में किए जाने वाले परिचालन, रुपये में अनुमेय स्थानीय भुगतान, खाताधारक को भारत के बाहर चालू आय को विप्रेषण अथवा सामान्य बैंकिंग चैनलों के माध्यम से स्वयं खाता धारक को विप्रेषण करने के लिए किए जानेवाले आहरणों तक सीमित है। विप्रेषण कराते समय प्रत्यावर्तनीयता की सीमाएं एवं शर्तें लागू होंगी।
निवासी स्थिति में परिवर्तन : अनिवासी से निवासी में परिवर्तन खाता धारक के नौकरी के लिए भारत लौटने या निवासी स्थिति में परिवर्तन हो जाने पर खाताधारक के विकल्प पर तत्काल एनआरई खातों को तुरंत निवासी खाते में विनिर्दिष्ट किया जाना चाहिए या इन खातों में रखी निधियों को आरएफसी खातों में अंतरित कर दिया जाना चाहिए। निवासी स्थिति में परिवर्तन होने पर FCNR(बी) जमाराशियों को खाताधारक की इच्छानुसार संविदाकृत ब्याज दर पर परिपक्वता तक जारी रखने की अनुमति दी जा सकती है।

FCNR(बी) जमाराशियों की परिपक्वता पर प्राधिकृत व्यापारियों को खाता धारक के विकल्प पर उन्हें निवासी रुपया जमा खातों अथवा आरएफ़सी खाता (यदि जमाकर्ता आरएफ़सी खाता खोलने के लिए पात्र हो तो) में परिवर्तित करना चाहिए।
किसी भी प्रयोजन के लिए अनिश्चित अवधि के लिए भारत में रहने की इच्छा से खाता धारक के भारत लौटने पर एनआर ओ खातों को निवासी खातों के रूप में निर्दिष्ट किया जाना चाहिए ।

इसी प्रकार, जब कोई निवासी भारतीय भारत से बाहर निवासी व्यक्ति बन जाता है, तो उसका विद्यमान खाता एनआरओ खाते के रूप में निर्दिष्ट किया जाना चाहिए ।

प्रश्न 4. क्या कोई बांग्लादेशी / पाकिस्तानी राष्ट्रिक अथवा बांग्लादेश / पाकिस्तान से नियंत्रित/ के स्वामित्वाधिन कंपनी का भारत में खाता हो सकता है?

उत्तर: पाकिस्तानी राष्ट्रिक / पाकिस्तान के स्वामित्व वाले व्यक्तियों / संस्थाओं द्वारा खाते खोलने और बांग्लादेश के स्वामित्व की संस्थाओं द्वारा खाते खोलने के लिए रिज़र्व बैंक का पूर्व अनुमोदन आवश्यक है ।

तथापि, बांग्लादेशी राष्ट्रियता वाले व्यक्ति एनआरओ खाता खोल सकते हैं, बशर्ते कि व्यक्ति(यों) के पास वैध वीज़ा हो और विदेशी नागरिक पंजीकरण कार्यालय(एफआरओ)/ विदेशी नागरिक क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) द्वारा जारी वैध आवासीय परमिट हो।

भारत में निवास करने वाले पाकिस्तान/ बांग्लादेश के नागरिक जो कि उन देशों में अल्पसंख्यक समुदायों (हिन्दू, सीख, बौद्ध, जैन, पारसी तथा ईसाई) से हैं, तथा जिन्हें दीर्घावधि वीसा (एलटीवी) प्रदान किया गया है अथवा एलटीवी के लिए जिनका आवेदन विचाराधीन है, किसी प्राधिकृत व्यापारी बैंक के पास केवल एक एनआरओ खाता खोल सकते हैं और वह समय-समय पर अद्यतन की गई 1 अप्रैल 2016 की अधिसूचना सं. फेमा 5(आर)/2016-आरबी में उल्लिखित शर्तों के अधीन होगा। इस प्रकार के एनआरओ खाते खोलना दिनांक 28 मार्च 2019 के एपी (डीआईआर सीरीज़) परिपत्र सं.28 द्वारा दिए गए अनुदेश के अनुसार संबंधित प्राधिकृत बैंक द्वारा खोले गए खातों के ब्यौरे तिमाही आधार पर गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करने के अधीन होगा।

प्रश्न 5. भारत का दौरा करने वाले यात्री कौनसे खाते खोल सकता है?

उत्तर : भारत का दौरा कर रहे गैर-भारतीय मूल का विदेशी नागरिक बैंकिंग चैनल के माध्यम से भारत के बाहर से विप्रेषित निधियों या उसके द्वारा भारत में लाई गई विदेशी मुद्रा की बिक्री से एनआरओ (चालू/ बचत) खाता खोल सकता है । भारत से प्रस्थान करते समय एनआरओ में जमा शेष राशि का भुगतान खाता धारक को किया जा सकता है बशर्ते कि खाता छ: माह से अनधिक की अवधि के लिए रखा गया है और खाते में उस पर उपचित ब्याज से इतर कोई स्थानीय निधियां जमा नहीं की गई हैं ।

प्रश्न 6. विशेष अनिवासी रुपया (एसएनआरआर) खाता क्या है? इसमें तथा NRO खाते में क्या अंतर है?

उत्तर: भारत से बाहर का निवासी कोई व्यक्ति जिसका भारत में कारोबारी हित निहित है, अधिनियम के प्रावधानों, तथा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों और विनियमों के अनुरूप रूपये में वास्तविक लेनदेन करने के लिए किसी प्राधिकृत व्यापारी के साथ विशेष अनिवासी रुपया खाता (एसएनआरआर) खोल सकता है। एसएनआरआर खाते की विशेषताएं नीचे दी गई हैं:

ए. एसएनआरआर खाता उस विशिष्ट कारोबार का नाम बताएगा जिसके लिए वह खाता खोला गया है और उस पर ब्याज नहीं दिया जाएगा ।

बी. खाते में डेबिट/ क्रेडिट और शेष राशियां प्रासंगिक होंगे और खाता धारक के कारोबारी प्रचालनो कें अनुरूप होंगे ।

सी. प्राधिकृत व्यापारी यह निश्चित करे कि एसएनआरआर खाते में सभी प्रचालन अधिनियम के प्रावधानों और उसके अधीन बनाए गए नियमों तथा विनियमों के अनुसार हैं ।

डी. एसएनआरआर खाते की अवधि खाताधारक की संविदा / प्रचालन की अवधि / कारोबार के साथ-साथ होगी और किसी भी स्थिति में सात वर्ष से अधिक नहीं होगी। खाते के नवीकरण के मामले में रिज़र्व बैंक का अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक है। तथापि सात वर्ष का प्रतिबंध समय-समय पर संशोधित विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत के बाहर के निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) नियमावली, 2017 के अनुसार भारत में निवेश करने के प्रयोजन से भारत के बाहर के निवासी व्यक्तियों द्वारा खोले गए एसएनआरआर खातों पर लागू नहीं होगा।

ई. खाता खोलने की तारीख से सात वर्ष की अवधि के बाद खाते में कोई परिचालन अनुमत नहीं हैं।

एफ़. एसएनआरआर खाते में प्रचालन का परिणाम भारत में निवासी व्यक्ति को रूपये में प्रतिपूर्ति के बदले या अन्य किसी तरीके से विदेशी मुद्रा उपलब्ध कराना नहीं होना चाहिए ।

जी. एसएनआरआर खाते में शेष राशियाँ भारत के बाहर प्रत्यावर्तित की जा सकती हैं।

एच. किसी एनआरओ खाते से एसएनआरआर खाते में अंतरण प्रतिबंधित है ।

आई. एसएनआरआर खाते में सभी लेनदेन भारत में लागू करों के भुगतान के अधीन होंगे ।

जे. खाता धारक के निवासी बन जाने पर, SNRR खाते को निवासी रूपया खाते के रूप में विनिर्दिष्ट किया जाना चाहिए ।

के. मृत खाताधारक के खाते में से अनिवासी नामिती को देय/ भुगतान योग्य राशि को भारत में प्राधिकृत व्यापारी / प्राधिकृत बैंक के साथ नामिती के एनआरओ खाते में क्रेडिट किया जाएगा।

एल. पाकिस्तान और बांग्लादेश के राष्ट्रिकों और पाकिस्तान और बांग्लादेश में निगमित संस्थाओं द्वारा एसएनआरआर खाते खोलने के लिए रिज़र्व बैंक का पूर्व अनुमोदन आवश्यक है ।

एसएनआरआर को केवल ब्याज रहित खाते के रूप में धारित किया जा सकता है, जब कि एनआरओ खाते पर ब्याज अर्जित किया जा सकता है। जब कि एनआरओ खाते में शेष राशियाँ प्रत्यावर्तनीय नहीं हैं (चालू आय को छोड़कर तथा फेमा 13(आर) के अंतर्गत एनआरआई/ पीआईओ को अनुमेय सीमा तक), SNRR प्रत्यावर्तनीय खाता है।

प्रश्न 7. विदेशी राजनयिक शिष्टमंडलों / कार्मिकों तथा भारत में उनके परिवार के सदस्यों द्वारा कौनसी जमाराशियां धारित की जा सकती हैं?

ए. विदेशी राजनयिक शिष्टमंडलों / कार्मिकों तथा भारत में उनके परिवार के सदस्यों द्वारा एडी बैंक में रुपया खाते खोले जा सकते हैं।

बी. राजनयिक शिष्टमंडल तथा राजनयिक कार्मिक विशेष रुपया खाते अर्थात डिप्लोमैटिक बॉन्ड स्टोर्स खाता खोल सकते हैं ताकि वे उन फ़र्म तथा कंपनियों से बॉन्डेड स्टॉक खरीद सकते हैं जिन्हें कस्टम्स प्राधिकरणों से बॉन्ड में स्टोर्स के आयात के लिए शर्तों के अधीन विशेष सुविधाएं प्रदान की गई हैं। खाते की निधियां रिजर्ब बैंक के अनुमोदन के बिना भारत से बाहर प्रत्यावर्तित की जा सकती हैं ।

सी. राजनयिक शिष्टमंडल, राजनयिक कार्मिकों और गैर-राजनयिक स्टाफ जो संबंधित विदेशी देशों के राष्ट्रिक हैं और भारत में विदेशी दूतावासों का आधिकरिक पासपोर्ट रखते हैं, भारत में विदेशी मुद्रा खाते खोल सकते हैं। यह खाता चालू खाता या मीयादी जमा राशि खाते के रूप में रखा जा सकता है और राजनयिक कार्मिकों तथा गैर- राजनयिक स्टाफ के मामले में इसे बचत खाते के रूप में भी रखा जा सकता है । इन खातों में आवक विप्रेषण तथा भारत में राजनयिक शिष्टमंडल के रुपया खाते में से अंतरणों (जिन्हें भारत में वीजा शुल्क के रूप में संग्रहीत किया जाता है) को जमा (क्रेडिट) किया जा सकता है। ऐसे खाते में धारित निधियों को यदि रूपये में परिवर्तित किया जाता है तो विदेशी मुद्रा में फिर से परिवर्तित नहीं किया जा सकता है। खाते की निधियां रिजर्ब बैंक के अनुमोदन के बिना भारत से बाहर प्रत्यावर्तित की जा सकती हैं ।

प्रश्न 8. क्या नेपाल तथा भूटान के निवासी भारत में खाता खोल सकते हैं?

उत्तर: नेपाल और भूटान में निवास करने वाले व्यक्ति भारत में प्राधिकृत व्यापारी के पास भारतीय रुपया खाता खोल सकते हैं।

प्रश्न 9. क्या बहुपक्षीय संगठन के भारत में खाते/ जमाराशियाँ हो सकती हैं?

उत्तर: कोई भी बहुपक्षीय संगठन, जिसका भारत एक सदस्य देश है, अथवा उसकी सहायक संस्थाएं/ सम्बद्ध निकाय और भारत में पदस्थ अधिकारी भारत में प्राधिकृत व्यापारी के साथ खाता खोल सकते हैं।

प्रश्न 10. क्या कोई भारतीय कंपनी, कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 160 के अनुपालन में अनिवासियों से जमाराशियां स्वीकार कर सकती है?

उत्तर: हां, यदि आवश्यक हो तो इस प्रकार से जमाराशियों तथा धनवापसी की स्वीकृति चालू खाता लेनदेन के अंतर्गत कवर होगी तथा इसे फेमा की दृष्टि से किसी प्रतिबंध के बिना मुक्त रूप से किया जा सकेगा।

प्रश्न 11. क्या कोई विदेशी संविभाग निवेशक अथवा कोई विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक भारत में विदेशी मुद्रा खाता खोल सकता है?

उत्तर: हां, कोई विदेशी संविभाग निवेशक अथवा कोई विदेशी जोखिम पूंजी निवेशक, दोनों यदि भारतीय प्रतिभूति तथा विनिमय बोर्ड (सेबी) के संबंधित विनियमों के अंतर्गत सेबी में पंजीकृत हो और तो समय-समय पर संशोधित विदेशी मुद्रा प्रबंध(भारत के बाहर के निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली 2017 के अनुसार निवेश करने के प्रयोजन से ब्याज-रहित विदेशी मुद्रा खाता खोल तथा बनाए रख सकते हैं।

प्रश्न 12. भारत में कौन तथा किस प्रयोजन से एस्करो खाते खोल सकता है?

उत्तर: निवासी या अनिवासी प्राप्तकर्ता भारत में प्राधिकृत व्यापारी के पास समय-समय पर संशोधित विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत के बाहर के निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली 2017 के अनुसार तथा समय-समय पर यथा संशोधित विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) विनियमावली, 2016 की अनुसूची 5 में विनिर्दिष्ट शर्तों के अधीन पूंजीगत लिखतों / परिवर्तनीय नोटों के अधिग्रहण / अंतरण के लिए एस्क्रो एजेंट के रूप में भारतीय रूपयों में एस्क्रो खाता खोल सकते हैं ।

 
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