शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

प्रेस प्रकाशनी


(267 kb )
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत सर्व-समावेशी निदेशों का वापस लिया जाना - हिन्दू को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पठानकोट, पंजाब

14 अक्टूबर 2021

बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत
सर्व-समावेशी निदेशों का वापस लिया जाना - हिन्दू को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पठानकोट, पंजाब

बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के तहत भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 13 मार्च 2019 के निदेश डीसीबीएस.सीओ.बीएसडी-IV सं.डी-9/12.28.311/2018-19 के माध्यम से हिन्दू को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पठानकोट, पंजाब को निदेश जारी किए थे। इन निदेशों को समय-समय पर संशोधित किया गया तथा इसे पिछली बार 24 अक्टूबर 2021 तक बढ़ाया गया था। भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा इस बात से संतुष्ट होकर कि जनहित में ऐसा करना आवश्यक है, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए की उपधारा (2) के तहत प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतदद्वारा दिनांक 14 अक्टूबर 2021 से हिन्दू को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पठानकोट, पंजाब को जारी किए गए सर्व समावेशी निदेशों को वापस लिया जा रहा है। इच्छुक जनता के अवलोकन हेतु निदेश की एक प्रति बैंक के परिसर में प्रदर्शित की गई है।

(योगेश दयाल) 
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2021-2022/1048

2021
2020
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख
Server 214
शीर्ष