शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

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बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के तहत निदेश – कोलिकाता महिला को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, 8डी कृष्णा लाहा लेन, कोलकाता, पश्चिम बंगाल – निदेश वापस लिया जाना

10 अप्रैल 2021

बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के तहत
निदेश – कोलिकाता महिला को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, 8डी कृष्णा लाहा लेन,
कोलकाता – 700 012, पश्चिम बंगाल – निदेश वापस लिया जाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने जन हित में कोलिकाता महिला को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कोलकाता, पश्चिम बंगाल को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के अंतर्गत दिनांक 27 जून 2019 के निदेश डीसीबीस.सीओ.बीएसडी-III/डी-17/12.29.054/2018-19 के माध्यम से निदेश जारी किया था । इन निदेशों को समय-समय पर बढ़ाया गया एवं संशोधित किया गया तथा इसे दिनांक 07 जनवरी 2021 के निदेश डीओआर.सीओ.एआईडी.सं.डी-50/12.29.054/2020-21 के माध्यम से अंतिम बार 09 अप्रैल 2021 तक बढ़ाया गया था ।

भारतीय रिज़र्व बैंक, इस बात पर संतुष्ट होने पर की जनहित में ऐसा करना आवश्यक है, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उपधारा (2) के अधीन निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, कोलिकाता महिला को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कोलकाता, पश्चिम बंगाल को जारी किए गए उक्त निदेश वापस लेता है जो कि 10 अप्रैल 2021 से प्रभावी होगा ।

(योगेश दयाल) 
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2021-2022/38

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