शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

प्रेस प्रकाशनी


(289 kb )
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र- निदेशों की वैधता अवधि का विस्तार

26 मार्च 2021

बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – पंजाब एंड महाराष्ट्र
को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र- निदेशों की वैधता अवधि का विस्तार

पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र, एक बहु-स्टेट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, को 23 सितंबर 2019 के निदेश डीसीबीएस.सीओ.बीएसडी-1/डी-1/12.22.183/19-20 द्वारा बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए की उप- धारा (1) के अंतर्गत 23 सितंबर 2019 को कारोबार की समाप्ति से जमाकर्ताओं के संरक्षण के हित में सर्व-समावेशी निदेश जारी किए गए थे। निदेशों को अंतिम बार 18 दिसंबर 2020 के निदेश द्वारा 31 मार्च 2021 तक बढ़ाया गया।

पीएमसी बैंक को, 3 नवंबर 2020 को बैंक द्वारा जारी रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) के जवाब में, इसके पुनर्निर्माण के लिए कुछ निवेशकों से बाध्यकारी प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। रिज़र्व बैंक और पीएमसी बैंक वर्तमान में संभावित निवेशकों के साथ चर्चा कर रहे हैं ताकि जमाकर्ता और अन्य हितधारकों के लिए सर्वोत्तम संभव शर्तों को सुरक्षित किया जा सके, जबकि पुनर्निर्मित इकाई की दीर्घकालिक व्यवहार्यता सुनिश्चित की जा सके। पीएमसी बैंक की वित्तीय स्थिति को देखते हुए, प्रक्रिया जटिल है और इसमें कुछ और समय लगने की संभावना है।

इन परिस्थितियों में, उपरोक्त निदेशों का विस्तार करना आवश्यक माना जाता है। तदनुसार, यह जनता की जानकारी के लिए एतदद्वारा अधिसूचित किया जाता है कि 23 सितंबर 2019 के उक्त निदेश की वैधता, जिसे समय-समय पर संशोधित किया गया, 1 अप्रैल 2021 से 30 जून 2021 तक आगे की अवधि तक बढ़ा दी गई है और जो समीक्षाधीन है। यह स्पष्ट किया जाता है कि जैसे ही उक्त उद्देश्य प्राप्त हो जाते हैं, पुनर्निर्माण की प्रक्रिया हर संभव प्रयास तक शुरू की जाएगी।

संदर्भधीन निदेशों के अन्य सभी शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी।

(योगेश दयाल) 
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी : 2020-2021/1309

2021
2020
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख
Server 214
शीर्ष