अनुसंधान और आंकड़े

रिज़र्व बैंक में बेहतर, नीति उन्मुखी आर्थिक शोध करने, आंकड़ों का संकलन करने और ज्ञान साझा करने की समृद्ध परंपरा है।

प्रेस प्रकाशनी


रिज़र्व बैंक ने “अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की जमा–राशि और ऋण की तिमाही सांख्यिकी सितंबर 2019 में जारी की’’

29 नवंबर 2019

रिज़र्व बैंक ने ‘अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की जमा–राशि और ऋण की तिमाही
सांख्यिकी सितंबर 2019 में जारी की’

भारतीय रिजर्व बैंक ने आज ‘अनुसूचित वाणिज्यिक बैंको की जमा–राशि और ऋण पर तिमाही सांख्यिकी – सितंबर 2019’ नामक अपना वेब प्रकाशन भारतीय अर्थव्यवस्था पर अपने डाटाबेस (डीबीआईई) पोर्टल (वेब-लिंक: https://dbie.rbi.org.in/DBIE/dbie.rbi?site=publications#!3) पर जारी किया। विभिन्न प्रकार के कुल ऋण और जमा राशि के संबंध में आंकड़े राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, जिला, केंद्रों, जनसंख्या समूहों और बैंक-समूहों में वर्गीकृत किया गया है। ये आँकड़े मूलभूत सांख्यिकी विवरणी (बीएसआर) -7 प्रणाली1 के तहत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) तथा लघु वित्त बैंको (एसएफ़बी) सहित सभी वाणिज्यिक बैंकों से संकलित किए गए हैं।

मुख्य बातें:

  • बैंक की ऋण वृद्धि (वर्ष-दर-वर्ष) में लगातार दूसरी तिमाही में गिरावट आई क्योंकि शहरी और महानगरीय शाखाओं में मंदी दर्ज की गयी; दूसरी ओर, ग्रामीण ऋण वृद्धि स्थिर और दोहरे अंकों में बनी रही।

  • बैंक समूहों की ऋण वृद्धि में गिरावट हुई: सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों की ऋण वृद्धि (वर्ष-दर-वर्ष) में सितंबर 2019 में क्रमशः 5.2 प्रतिशत और 14.4 प्रतिशत तक संशोधन हुआ, जो एक वर्ष पहले 8.7 प्रतिशत और 22.8 प्रतिशत थी।

  • निजी क्षेत्र के बैंक जमाराशि जुटाने में अग्रणी बने रहे।

  • चालू खाता और बचत खाता (सीएएसए) जमाओं की हिस्सेदारी में सितंबर 2019 में तिमाही के दौरान 41.2 प्रतिशत तक सुधार हुआ।

  • महानगरीय क्षेत्रों में बैंक शाखाओं की हिस्सेदारी कुल जमा राशि का 50.9 प्रतिशत और कुल बैंक ऋण का 63.2 प्रतिशत है; बैंक ऋण में ग्रामीण शाखाओं की हिस्सेदारी सितंबर 2019 में बढ़कर 8.8 प्रतिशत हो गई जो एक साल पहले 8.3 प्रतिशत थी।

  • सभी जनसंख्या समूहों में गिरावट के साथ अखिल भारतीय ऋण-जमाराशि (सी-डी) अनुपात लगातार दूसरी तिमाही में घटकर 75.6 प्रतिशत (जून 2019 में 76.7 प्रतिशत और मार्च 2019 में 78.2 प्रतिशत) रहा।

अजीत प्रसाद
निदेशक  

प्रेस प्रकाशनी: 2019-2020/1298


1 सितंबर 2019 के अंतिम रिपोर्टिंग शुक्रवार के लिए पाक्षिक ‘फॉर्म-ए’ रिटर्न (रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 42 (2) के तहत एकत्र) पर आधारित आंकड़े पहले रिज़र्व बैंक की वेबसाइट (होम> सांख्यिकी> डेटा रिलीज> पाक्षिक - भारत में अनुसूचित बैंक की स्थिति का विवरण) में प्रकाशित किया गया है तथा चयनित बैंकों पर आधारित सितंबर 2019 के लिए बैंक ऋण के सकल स्तरीय मासिक क्षेत्रवार नियोजन संबंधी आंकड़े रिज़र्व बैंक की वेबसाइट (होम> सांख्यिकी> डेटा रिलीज> मासिक> बैंक ऋण की क्षेत्रवार नियोजन संबंधी डेटा) पर प्रकाशित किए गए हैं

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