भुगतान और निपटान प्रणाली

अर्थव्‍यवस्‍था की समग्र दक्षता में सुधार करने में भुगतान और निपटान प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके अंतर्गत राशि-मुद्रा, चेकों जैसी कागज़ी लिखतों के सुव्‍यवस्थित अंतरण और विभिन्‍न इलेक्‍ट्रॉनिक माध्‍यमों के लिए विभिन्‍न प्रकार की व्‍यवस्‍थाएं हैं।

प्रेस प्रकाशनी


रिज़र्व बैंक ने भारत में भुगतान प्रणाली की बेंचमार्किंग पर रिपोर्ट जारी की

4 जून 2019

रिज़र्व बैंक ने भारत में भुगतान प्रणाली की बेंचमार्किंग पर रिपोर्ट जारी की

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज "भारत में भुगतान प्रणाली की बेंचमार्किंग" पर एक रिपोर्ट जारी की, जो अन्य प्रमुख देशों की भुगतान प्रणालियों और उपयोग के रुझान के सापेक्ष भारत में भुगतान प्रणाली पारिस्थितिकी तंत्र की तुलनात्मक स्थिति प्रदान करती है।

आपको स्मरण होगा कि 4 अप्रैल 2019 को घोषित पहले द्वि-मासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य, 2019-20 [पैरा 12 (viii)], में यह कहा गया था कि “भारत की भुगतान प्रणाली को अन्य प्रमुख देशों की भुगतान प्रणालियों और साधनों के साथ नापते हुए भुगतान के डिजिटलीकरण को बढ़ाने के लिए नियोजित प्रयासों को और गति देने के लिए भारत में भुगतान प्रणाली की बेंचमार्किंग जरूरी है। इस तरह के अभ्यास के निष्कर्षों की एक रिपोर्ट को मई 2019 के अंत तक आरबीआई की वेबसाइट पर रखा जाएगा।

रिज़र्व बैंक ने उन्नत अर्थव्यवस्थाओं, एशियाई अर्थव्यवस्थाओं और ब्रिक्स राष्ट्रों की भुगतान प्रणालियों के साथ भारत में भुगतान प्रणाली की बेंचमार्किंग के अभ्यास की शुरुआत की है। इस विश्लेषण में 41 संकेतकों के तहत 21 व्यापक क्षेत्रों को शामिल करने का प्रयास किया गया, जिसमें विनियमन, निरीक्षण, भुगतान प्रणाली, भुगतान साधन, भुगतान का बुनियादी ढांचा, उपयोगिता भुगतान, सरकारी भुगतान, ग्राहक संरक्षण और शिकायत निवारण, प्रतिभूति निपटान और समाशोधन प्रणाली और सीमा पार व्यक्तिगत प्रेषण शामिल हैं। अध्ययन में पाया गया कि भारत की सक्षम विनियामक प्रणाली और मजबूत बड़े मूल्य और खुदरा भुगतान प्रणालियों ने लेनदेन की मात्रा की तेज वृद्धि में योगदान दिया है। मोबाइल नेटवर्क के संदर्भ में सरकार द्वारा ई-भुगतान और डिजिटल बुनियादी ढांचे में पर्याप्त वृद्धि हुई है। हालाँकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को डिजिटल भुगतान को बढ़ाने के लिए कागजी समाशोधन की मात्रा को कम करने और स्वीकृति के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए और प्रयास करने की आवश्यकता है। यह उल्लेख किया जा सकता है कि भारतीय रिज़र्व बैंक के भारत में वर्तमान भुगतान और निपटान प्रणाली पर विज़न डॉक्यूमेंट में भी, अन्य बातों के साथ-साथ ध्यान आकर्षित करने के लिए उपरोक्त क्षेत्रों की पहचान की गई है।

योगेश दयाल
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2018-2019/2864

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