भुगतान और निपटान प्रणाली

अर्थव्‍यवस्‍था की समग्र दक्षता में सुधार करने में भुगतान और निपटान प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके अंतर्गत राशि-मुद्रा, चेकों जैसी कागज़ी लिखतों के सुव्‍यवस्थित अंतरण और विभिन्‍न इलेक्‍ट्रॉनिक माध्‍यमों के लिए विभिन्‍न प्रकार की व्‍यवस्‍थाएं हैं।

प्रेस प्रकाशनी


रिज़र्व बैंक ने डिजिटल लेनदेनों के लिए लोकपाल योजना शुरू की

31 जनवरी 2019

रिज़र्व बैंक ने डिजिटल लेनदेनों के लिए लोकपाल योजना शुरू की

5 दिसंबर 2018 के मौद्रिक नीति वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज लोकपाल योजना में यथापरिभाषित प्रणाली सहभागियों के विरूद्ध शिकायतों के समाधान के लिए 31 जनवरी 2019 की अधिसूचना के तहत डिजिटल लेनदेन के लिए लोकपाल योजना (ओएसडीटी) की शुरुआत की।

भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 18 के अंतर्गत शुरू की गई यह योजना भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित गैर-बैंक संस्थाओं के माध्यम से किए जाने वाले डिजिटल लेनदेनों में ग्राहक सेवाओं में कमी के संबंध में लागत मुक्त और तीव्र शिकायत समाधान व्यवस्था उपलब्ध कराएगी। बैंकों के माध्यम से किए जाने वाले डिजिटल लेनदेनों से संबंधित शिकायतें बैंकिंग लोकपाल योजना के तहत ही देखी जाएंगी। डिजिटल लेनदेनों के लिए लोकपाल कार्यालय बैंकिंग लोकपाल के मौजूदा 21 कार्यालयों से कार्य करेंगे और अपने-अपने प्रादेशिक अधिकार क्षेत्र से ग्राहकों की शिकायतें देखेंगे।

यह योजना एक अपीलीय व्यवस्था का प्रावधान करती है जिसके तहत शिकायतकर्ता/प्रणाली सहभागी के पास लोकपाल के निर्णय के विरूद्ध अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील करने का विकल्प है।

संपूर्ण योजना भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

जोस जे. कट्टूर
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2018-2019/1802

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