भुगतान और निपटान प्रणाली

अर्थव्‍यवस्‍था की समग्र दक्षता में सुधार करने में भुगतान और निपटान प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके अंतर्गत राशि-मुद्रा, चेकों जैसी कागज़ी लिखतों के सुव्‍यवस्थित अंतरण और विभिन्‍न इलेक्‍ट्रॉनिक माध्‍यमों के लिए विभिन्‍न प्रकार की व्‍यवस्‍थाएं हैं।

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भारतीय रिज़र्व बैंक ने नई खुदरा भुगतान प्रणालियों के प्राधिकार पर टिप्पणियां मांगी

21 जनवरी 2019

भारतीय रिज़र्व बैंक ने नई खुदरा भुगतान प्रणालियों के प्राधिकार पर टिप्पणियां मांगी

रिज़र्व बैंक ने अपनी वेबसाइट पर आम जनता की टिप्पणियों के लिए नई खुदरा भुगतान प्रणालियों पर नीति पत्र उपलब्ध कराया है।

दूसरे द्विमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य 2018-19 के साथ जारी विकासात्मक और विनियामकीय नीति वक्तव्य में, रिज़र्व बैंक ने घोषणा की थी कि रिज़र्व बैंक अखिल भारतीय भुगतान मंचों में भागीदारी करने और इन्हें बढ़ावा देने के लिए अधिक निवेशकों को प्रोत्साहित करेगा तथा 30 सितंबर 2018 तक आम जनता के परामर्श के लिए नीति पत्र लाएगा। इसका उद्देश्य वित्तीय स्थिरता दृष्टिकोण से खुदरा भुगतान बाजार में संकेंद्रण जोखिम को कम करना और नवोन्मेष तथा प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना था।

रिज़र्व बैंक सभी स्टेकधारकों और आम जनता से 20 फरवरी 2019 तक नीति पत्र पर टिप्पणियां आमंत्रित करता है। टिप्पणियां डाक के माध्यम से मुख्य महाप्रबंधक, भुगतान और निपटान प्रणाली विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, केंद्रीय कार्यालय, 14वीं मंजिल, शहीद भगत सिंह मार्ग, मुंबई-400001 को भेजी जा सकती हैं या ई-मेल द्वारा प्रेषि‍त की जा सकती है।

जोस जे. कट्टूर
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2018-2019/1708

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