शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

अधिसूचनाएं


बोर्ड द्वारा अनुमोदित ऋण नीति - अग्रिमों का प्रबंधन - शहरी सहकारी बैंक

भा.रि.बैंक/2022-23/93
विवि.सीआरई.आरईसी.56/13.05.000/2022-23

26 जुलाई 2022

सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक

महोदया / महोदय,

बोर्ड द्वारा अनुमोदित ऋण नीति - अग्रिमों का प्रबंधन - शहरी सहकारी बैंक

कृपया ‘अग्रिमों का प्रबंधन - शहरी सहकारी बैंक’ विषय पर दिनांक 08 अप्रैल 2022 के मास्टर परिपत्र विवि.सीआरई.आरईसी.सं.17/13.05.000/2022-23 का पैरा 1 देखें, जिसके अनुसार शहरी सहकारी बैंकों से यह अपेक्षा की गई है कि वे रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर जारी किए गए ऋण एक्सपोजर संबंधी मानदंडों और विभिन्न अन्य दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए, आर्थिक कार्यकलाप की प्रत्येक स्थूल श्रेणी के संबंध में, अपने बोर्ड के अनुमोदन के साथ ऋण वितरण के लिए पारदर्शी नीतियां और दिशानिर्देश तय करें।

2. कई शहरी सहकारी बैंकों में यह देखा गया है कि इन नीतियों में न केवल व्यापक कवरेज की कमी है बल्कि आवधिक समीक्षा भी नहीं की जा रही है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऋण नीति स्वीकृत आंतरिक जोखिम-वहन क्षमता को दर्शाती है और मौजूदा नियमों के अनुरूप बनी हुई है, यह सूचित किया जाता है कि बोर्ड द्वारा वित्तीय वर्ष में कम से कम एक बार बैंक की ऋण नीति की समीक्षा की जानी चाहिए।

3. उपरोक्त अनुदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

भवदीय,

(मनोरंजन मिश्रा)
मुख्य महाप्रबंधक

2022
2021
2020
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख
Server 214
शीर्ष