बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

अधिसूचनाएं


पूर्णकालि‍क नि‍देशक/ मुख्य कार्यपालक अधि‍कारी/महत्त्वपूर्ण जोखि‍म लेने वाले और नि‍यंत्रण का कार्य करने वाले स्टाफ आदि‍ के पारि‍श्रमि‍क के संबंध में दि‍शानि‍र्देश - स्पष्टीकरण

आरबीआई/2021-22/95
डीओआर.गव.आरईसी.44/29.67.001/2021-22

30 अगस्त 2021

सभी निजी क्षेत्र के बैंक (स्थानीय क्षेत्र बैंक, लघु वित्त बैंक, भुगतान बैंक सहित) और भारत में कार्यरत विदेशी बैंक

महोदय/महोदया,

पूर्णकालि‍क नि‍देशक/ मुख्य कार्यपालक अधि‍कारी/महत्त्वपूर्ण जोखि‍म लेने वाले और नि‍यंत्रण का कार्य करने वाले स्टाफ आदि‍ के पारि‍श्रमि‍क के संबंध में दि‍शानि‍र्देश - स्पष्टीकरण

कृपया उक्त विषय पर हमारे दिनांक 04 नवंबर 2019 के परिपत्र डीओआर.एपीटी.बीसी.सं.23/29.67.001/2019-20 का पैरा 2.1.2 (एफ) देखें। मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार, ब्लैक-स्कोल्स मॉडल का उपयोग करते हुए अनुदान की तिथि पर शेयर-लिंक्ड लिखतों का उचित मूल्य निर्धारण किया जाना आवश्यक है। तथापि, यह देखा गया है कि बैंक शेयर-लिंक्ड मुआवजे के अनुदान को अपने खाते की बहियों में एक साथ खर्च के रूप में पहचान नहीं करते हैं। अत:, बेहतर स्पष्टता के लिए, निम्नलिखित वाक्य को उक्त पैराग्राफ में निहित मौजूदा अनुदेशों में जोड़ा जा रहा है:

“इस प्रकार निकाले गए उचित मूल्य को उस लेखा अवधि से शुरू होने वाले व्यय के रूप में पहचान करनी चाहिए जिसके लिए अनुमोदन प्रदान किया गया है”.

2. बैंकों द्वारा 31 मार्च 2021 को समाप्त लेखा अवधि के बाद दिए गए सभी शेयर-लिंक्ड लिखतों के लिए उक्त अनुदेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

भवदीय

(श्रीमोहन यादव)
मुख्य महाप्रबंधक

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