बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

अधिसूचनाएं


पोतलदानपूर्व तथा पोतलदान के पश्चात रुपया निर्यात ऋणों के लिए ब्याज समतुल्यीकरण योजना-विस्तार

भारिबैं/2021-22/21
विवि.सीआरजी.आरइसी.06/04.02.001/2021-22

12 अप्रैल 2021

सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर)
लघु वित्त बैंक, प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक
और एक्ज़िम बैंक

महोदय / महोदया,

पोतलदानपूर्व तथा पोतलदान के पश्चात रुपया निर्यात ऋणों के लिए ब्याज समतुल्यीकरण योजना-विस्तार

कृपया दिनांक 13 मई 2020 के परिपत्र विवि.डीआईआर.बीसी.सं.69/04.02.001/2019-20 का संदर्भ लें।

2. इस संबंध में, भारत सरकार ने पोतलदानपूर्व तथा पोतलदान के पश्चात रुपया निर्यात ऋणों के लिए ब्याज समतुल्यीकरण योजना के, उसी दायरे और कवरेज के साथ, तीन और महीने के लिए अर्थात 30 जून 2021 तक विस्तार को अपना अनुमोदन दिया है । यह विस्तार 01 अप्रैल 2021 से प्रभावी होगा और 30 जून 2021 को तीन महीने की अवधि के पूर्ण होते ही समाप्त हो जायेगा।

3. तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उपर्युक्त योजना के तहत जारी किए गए मौजूदा परिचालनगत दिशानिर्देश 30 जून 2021 तक लागू रहेंगे।

भवदीय

(मनोरंजन मिश्रा)
मुख्य महाप्रबंधक

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