बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

अधिसूचनाएं


केवाईसी पर मास्टर निदेश (एमडी) में संशोधन – विधिविरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 की धारा 51क के कार्यान्वयन के लिए प्रक्रिया

भारिबैं/2020-21/110
डीओआर.एएमएल.आरईसी.48/14.01.001/2020-21

23 मार्च 2021

सभी विनियमित संस्थाओं के अध्यक्ष/सीईओ

महोदया/ महोदय,

केवाईसी पर मास्टर निदेश (एमडी) में संशोधन – विधिविरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 की
धारा 51क के कार्यान्वयन के लिए प्रक्रिया

कृपया 25 फरवरी 2016 को केवाईसी पर जारी मास्टर निदेश के अध्याय IX (अंतरराष्ट्रीय करारों के तहत अपेक्षाएँ/ बाध्यताएँ अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से संपर्क) देखें। उक्त में निहित अनुदेशों के अनुसार, विनियमित संस्थाओं (आरई) को अन्य बातों के साथ साथ यह सुनिश्चित करने के लिए सूचित किया गया है कि उनके द्वारा वि‍धि‍वि‍रुद्ध क्रि‍याकलाप (नि‍वारण) अधि‍नि‍यम, 1967 (यूएपीए) 14 मार्च 2019 को जारी आदेश में निर्धारित प्रक्रियाओं का, मास्टर निदेश के अनुबंध II में दर्शाया गया है, कड़ाई से पालन किया जाए तथा सरकार के आदेश का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

2. इस संबंध में गृह मंत्रालय ने 14 मार्च 2019 के पूर्व आदेश को अधिक्रमित करते हुए 2 फरवरी 2021 को संशोधित आदेश जारी किया है।

3. गृह मंत्रालय द्वारा 2 फरवरी 2021 को जारी संशोधित आदेश के अनुरूप 25 फरवरी 2016 के केवाईसी पर मास्टर निदेश की धारा 52 और धारा 54 में संशोधन किया गया है।

4. इसके अलावा, धारा 54 में निम्नलिखित शामिल करने के लिए संशोधन किया गया है:

"गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर यूएपीए के लिए नोडल अधिकारियों की सूची उपलब्ध है।"

5. मास्टर निदेश के ये बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

भवदीय,

(थॉमस मैथ्यू)
मुख्य महाप्रबंधक

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