गैर-बैंकिंग वित्‍तीय कंपनियां

यद्यपि यह भूमिका हमारी गतिविधियों का एक ऐसा पहलू है, जिसके संबंध में स्‍पष्‍ट रूप से कहीं उल्‍लेख तो नहीं है, किंतु अति महत्‍वपूर्ण गतिविधियों की श्रेणी में इसकी गिनती की जाती है। इसके अंतर्गत अर्थव्‍यवस्‍था के उत्‍पादक क्षेत्रों को ऋण उपलब्‍धता सुनिश्चित करना, देश की वित्‍तीय मूलभूत संरचना के निर्माण हेतु संस्‍थाओं की स्‍थापना करना, किफायती वित्‍तीय सेवाओं की सुलभता बढ़ाना तथा वित्‍तीय शिक्षण एवं साक्षरता को बढ़ावा देना आदि शामिल हैं।

अधिसूचनाएं


गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के प्रति एक्सपोजर के लिए जोखिम भार

भारिबै/2018-19/126
बैंविवि.बीपी.बीसी.सं.25/21.06.001/2018-19

22 फरवरी 2019

सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक
(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के अतिरिक्त),
लघु वित्त बैंक

महोदय/महोदया

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के प्रति एक्सपोजर के लिए जोखिम भार

कृपया बासल III पूंजी विनियमन पर दिनांक 1 जुलाई 2015 के मास्टर परिपत्र के पैरा 5.8 और पैरा 5.13.5 का संदर्भ लें। वर्तमान में आस्ति वित्तपोषण कंपनियों (एएफसी), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों - इंफ्रास्ट्रक्चर वित्तपोषण कंपनियों (एनबीएफसी-आईएफसी) और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों - इंफ्रास्ट्रक्चर विकास निधियों (एनबीएफसी-आईडीएफ) को छोड़कर, रेटिंग की गई और रेटिंग न की गई जमाराशि नहीं स्वीकार करने वाली प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी-एनडी-एसआई), दोनों पर समान रूप से 100% का जोखिम भार लगाया जाता है। एएफसी, एनबीएफसी- आईएफसी, एनबीएफसी-आईडीएफ और अन्य एनबीएफसी जो एनबीएफसी-एनडी-एसआई नहीं हैं, के प्रति एक्सपोजर पर जोखिम भार भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मान्यता प्राप्त रेटिंग एजेंसियों द्वारा निर्धारित रेटिंग के अनुसार लगाया जाता है।

2. जैसा कि 07 फरवरी 2019 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में बताया गया था, यह निर्णय लिया गया है कि कोर निवेश कंपनियों (सीआईसी) को छोड़कर सभी एनबीएफ़सी के प्रति एक्सपोजर को सेबी के पास पंजीकृत और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा मान्यताप्राप्त रेटिंग एजेंसियों द्वारा निर्धारित रेटिंग के अनुसार जोखिम भार दिया जाए, जो उसी प्रकार होगा, जैसा कि "कॉरपोरेट्स, एएफसी और एनबीएफसी-आईएफसी के प्रति एक्सपोजर पर जोखिम भार – विवेकपूर्ण मानदंडों की समीक्षा" पर दिनांक 25 अगस्त 2016 के परिपत्र बैंविवि.बीपी.बीसी.सं.6/21.06.001/2016-17 और दिनांक 29 दिसंबर 2017 के मेलबॉक्स स्पष्टीकरण के साथ पठित बासल III पूंजी विनियमन पर दिनांक 1 जुलाई 2015 के मास्टर परिपत्र बैंविवि.बीपी.बीसी.सं.1/21.06.201/2015-16 के पैरा 5.8.1 के अंतर्गत कॉरपोरेट्स के लिए निर्धारित किया गया है। रेट किए गए और रेट न किए गए, दोनों प्रकार के सीआईसी के प्रति एक्सपोजर पर 100% का जोखिम भार लगाया जाना जारी रहेगा।

भवदीय,

(सौरभ सिन्हा)
प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक


07 फरवरी 2019 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य से उद्धरण

4. गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को रेटेड जोखिमों के लिए जोखिम भार

बासल III पूंजी विनियमावली पर मौजूदा दिशा-निर्देशों के तहत आस्ति फाइनेंस कंपनियों (एएफसी), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों – इंफ्रास्ट्रचर वित्त कंपनियां (एनबीएफसी-आईएफसी) और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां – इंफ्रास्ट्रचर विकास फंड (एनबीएफसी-आईडीएफ) के अलावा रेटेड साथ ही अनरेटेड जमा स्वीकार न करनेवाली प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी-एनडी-एसआई) पर बैंकों के एक्सपोजर / दावों को समान रूप से 100% पर जोखिम भारित करना होगा। उत्तम रेटिंगवाली एनबीएफसी के लिए ऋण के प्रवाह को सुगम बनाने की दृष्टि से , अब यह निर्णय लिया गया है कि कोर निवेश कंपनियों (सीआईसी) को छोड़कर सभी एनबीएफसी के लिए बैंकों का रेटेड एक्सपोजर प्रत्याशित रेटिंग एजेंसियों द्वारा प्रदान की गई रेटिंग के अनुसार उसी तरीके से जोखिम-भारित किया जाएगा जैसा कि कॉरपोरेटो के मामले मे किया जाता है।सीआईसी के लिए एक्सपोजर 100% पर जोखिम भारित बना रहेगा। इस संबंध में दिशानिर्देश फरवरी 2019 के अंत तक जारी किए जाएंगे।

2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख
Server 214
शीर्ष