मौद्रिक नीति

आर्थिक नीति के अंतिम उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए मौद्रिक नीति केंद्रीय बैंक के नियंत्रण में ब्याज दरों, मुद्रा आपूर्ति और ऋण की उपलब्धता जैसे परिमाणों को विनियमित करने के लिए मौद्रिक साधनों के उपयोग को सूचित करती।

अधिसूचनाएं


प्राथमिक व्यापारियों (प्राइमरी डीलर्स) के लिए स्थायी चलनिधि सुविधा (स्टैंडिंग लिक्विडिटि फ़ैसिलिटि)

आरबीआई/2017-18/33
संदर्भ सं.एमपीडी.बीसी.382/07.01.279/2017-18

2 अगस्त, 2017
11, श्रावण 1938 (शक)

सभी प्राथमिक व्यापारी

महोदया/महोदय,

प्राथमिक व्यापारियों (प्राइमरी डीलर्स) के लिए
स्थायी चलनिधि सुविधा (स्टैंडिंग लिक्विडिटि फ़ैसिलिटि)

कृपया मौद्रिक नीति समिति का संकल्प 2 अगस्त, 2017 का तीसरा द्विमासिक मौद्रिक नीति 2017-18 का वक्तव्य देखें, जिसके अनुसार चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) के अंतर्गत रिपो रेट को तत्काल प्रभाव से 25 आधार अंक घटाकर 6.25 प्रतिशत से 6.0 प्रतिशत कर दिया गया है।

2. तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा प्राथमिक व्यापारियों (पीडीज़) (संपार्श्विक चलनिधि सहायता) को प्रदान की जाने वाली स्थायी चलनिधि सुविधा 2 अगस्त, 2017 से संशोधित रिपो दर अर्थात् 6.0 प्रतिशत पर उपलब्ध होंगी।

भवदीय,

(जनक राज)
प्रधान परामर्शदाता

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