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उत्कर्ष 2.0 का लोकार्पण - भारतीय रिज़र्व बैंक की मध्यम-अवधि कार्यनीति रूपरेखा

30 दिसंबर 2022

उत्कर्ष 2.0 का लोकार्पण - भारतीय रिज़र्व बैंक की मध्यम-अवधि कार्यनीति रूपरेखा

श्री शक्तिकान्त दास ने आज भारतीय रिज़र्व बैंक की 2023-2025 की अवधि हेतु मध्यम-अवधि कार्यनीति रूपरेखा 'उत्कर्ष 2.0' का लोकार्पण किया।

कार्यनीति रूपरेखा (उत्कर्ष 2022) का पहला संस्करण, जो 2019 से 2022 की अवधि हेतु था, जुलाई 2019 में लोकार्पण किया गया था। यह मध्यम-अवधि कार्यनीति दस्तावेज़ के रूप में अभिनिर्धारित मील का पत्थर प्राप्त करने की दिशा में बैंक की प्रगति का मार्गदर्शक बना।

उत्कर्ष 2.0 में, उत्कर्ष 2022 के मूल उद्देश्यों, मूल्यों एवं मिशन सहित छ: विजन विवरणों को बनाए रखते हुए इनकी विशिष्टताओं का प्रयोग किया गया है। समग्र रूप से, यह कार्यनीतिक मार्गदर्शन पथ का निर्माण करते हैं। उत्कर्ष 2.0 में निम्नलिखित विजन 2023-25 की अवधि हेतु भारतीय रिज़र्व बैंक का मार्गदर्शन करेंगे:

  • अपने कार्यों के निष्पादन में उत्कृष्टता;

  • भारतीय रिज़र्व बैंक में नागरिकों एवं संस्थानों का सुदृढ़ विश्वास;

  • राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय भूमिकाओं में संवर्धित प्रासंगिकता एवं महत्व;

  • पारदर्शी, उत्तरदायी एवं नैतिकता से प्रेरित आंतरिक सुशासन;

  • सर्वश्रेष्ठ एवं पर्यावरण अनुकूल डिजिटल एवं भौतिक आधारभूत संरचना; एवं

  • नवोन्मेषी, क्रियाशील एवं कुशल मानव संसाधन।

मील के पत्थर के माध्यम से सुविचारित कार्यनीतियों के रूप में वांछित परिणामों को प्राप्त करना प्रस्तावित है।

भारतीय रिज़र्व बैंक अपनी मध्यम-अवधि कार्यनीति को अत्यधिक महत्व देता है एवं अपने केंद्रीय बोर्ड की उप-समिति के माध्यम से इसके कार्यान्वयन एवं प्रगति की निगरानी करता है।

(योगेश दयाल) 
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2022-2023/1472


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