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भारतीय रिज़र्व बैंक ने यूनिमोनी फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

12 मई 2022

भारतीय रिज़र्व बैंक ने यूनिमोनी फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने यूनिमोनी फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (संस्था) पर, प्रीपेड भुगतान लिखतों (पीपीआई एमडी) का निर्गम और परिचालन पर दिनांक 11 अक्तूबर 2017 के मास्टर निदेश (17 नवंबर 2020 को अद्यतन के अनुसार) के पैराग्राफ 9.1 (i) में निहित निर्देशों का अननुपालन करने के लिए 29,79,000/- (उनतीस लाख उनासी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है।

यह दंड, भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 30 के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है। यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य संस्था द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल करना नहीं है।

पृष्ठभूमि

यह पाया गया कि संस्था छोटे-पीपीआई अपेक्षाओं पर आरबीआई द्वारा जारी निदेशों का अननुपालन कर रही थी। तदनुसार, संस्था को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उनसे यह पूछा गया कि वे कारण बताएं कि निदेशों के अननुपालन के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।

संस्था के उत्तर पर विचार करने और व्यक्तिगत सुनवाई के बाद, आरबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि आरबीआई के निदेशों के अननुपालन के उपरोक्त आरोप सिद्ध हुए हैं और मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है।

(योगेश दयाल) 
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी : 2022-2023/198


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