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भुगतान अवसंरचना विकास निधि (पीआईडीएफ) – अद्यतन स्थिति

16 नवंबर 2021

भुगतान अवसंरचना विकास निधि (पीआईडीएफ) – अद्यतन स्थिति

रिज़र्व बैंक द्वारा 01 जनवरी 2021 से परिचालित पीआईडीएफ़ योजना, देश के टियर-3 से टियर-6 केंद्रों और उत्तर पूर्वी राज्यों में बिक्री केंद्र (पीओएस) अवसंरचना (भौतिक और डिजिटल मोड) के परिनियोजन में सहायता प्रदान करती है। 26 अगस्त 2021 से टियर-1 और टियर-2 केंद्रों में प्रधान मंत्री सड़क विक्रेता की आत्मनिर्भर निधि (प्रधान मंत्री स्वानिधि योजना) के लाभार्थी भी शामिल हैं।

2. पीआईडीएफ योजना के तहत पंजीकृत संस्थाएं (बैंकों और गैर-बैंकों) क्षेत्रवार परिनियोजन लक्ष्य निर्धारित करती हैं, परिनियोजन के आंकड़े जमा करती हैं और निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले उपकरणों के लिए सब्सिडी का दावा करती हैं।

3. पीआईडीएफ में योगदान रिज़र्व बैंक, अधिकृत कार्ड नेटवर्क और कार्ड जारी करने वाले बैंकों द्वारा किया जाता है; वर्तमान में कॉर्पस 614 करोड़ है।

स्रोत राशि ( करोड़ में)
भारतीय रिज़र्व बैंक 250.00
अधिकृत कार्ड नेटवर्क 153.72
कार्ड जारी करने वाले बैंक 210.17
कुल 613.89

4. सितंबर 2021 के अंत तक पीआईडीएफ योजना के तहत परिनियोजित भुगतान स्वीकृति उपकरणों की संख्या है –

स्थान भौतिक उपकरण* डिजिटल उपकरण**
टियर 3 और 4 केंद्र 98,504 20,46,075
टियर 5 और 6 केंद्र 84,968 30,47,750
उत्तर-पूर्वी राज्य 18,449 2,42,145
टियर 1 और 2 केंद्रों (प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना) 44,021 2,00,708
कुल 2,45,942 55,36,678

*भौतिक उपकरणों में पीओएस, एमपीओएस (मोबाइल पीओएस), GPRS (जनरल पैकेट रेडियो सर्विस), पीएसटीएन (पब्लिक स्विच्ड टेलीफोन नेटवर्क) आदि शामिल हैं।

**डिजिटल उपकरणों में इंटर-ऑपरेट करने योग्य क्यूआर कोड-आधारित भुगतान जैसे यूपीआई क्यूआर, भारत क्यूआर, आदि शामिल हैं

(योगेश दयाल) 
 मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी : 2021-2022/1207


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