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रिज़र्व बैंक वर्किंग पेपर सं. 09/2020: भारत में वित्तीय दबाव का मापन

22 सितंबर 2020

रिज़र्व बैंक वर्किंग पेपर सं. 09/2020: भारत में वित्तीय दबाव का मापन

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अपनी वेबसाइट पर भारतीय रिज़र्व बैंक वर्किंग पेपर श्रृंखला1 के तहत "भारत में वित्तीय दबाव का मापन" शीर्षक से एक वर्किंग पेपर रखा। पेपर का लेखन मंजूषा सेनापति और राजेश कावेड़िया ने किया है।

यह पेपर बाजार आधारित संकेतकों और तीन अलग-अलग समुच्चयन पद्धतियों का उपयोग करके भारतीय वित्तीय प्रणाली के लिए वित्तीय दबाव सूचकांकों के निर्माण पर केंद्रित है। यह पेपर पाता है कि ये सूचकांक उपयोगी जानकारी प्रदान करते हैं, जो कि बाजार के संकेतकों द्वारा वित्तीय प्रणाली में दबाव निर्माण में शामिल नहीं किए जाते हैं। इस पेपर में विकसित, वित्तीय दबाव सूचकांकों ने औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के साथ एक नकारात्मक संबंध दिखाया और इसे वास्तविक आर्थिक गतिविधि के अनुमान के लिए नियोजित किया जा सकता है। प्रस्तावित वित्तीय दबाव सूचकांक भारतीय अर्थव्यवस्था में पूर्ववर्ती दबाव प्रकरणों के काल निर्धारण में भी उपयोगी पाए जाते हैं।

अजीत प्रसाद
निदेशक  

प्रेस प्रकाशनी: 2020-2021/369


1रिज़र्व बैंक ने आरबीआई वर्किंग पेपर श्रृंखला की शुरुआत मार्च 2011 में की थी। ये पेपर रिज़र्व बैंक के स्टाफ सदस्यों द्वारा किए जा रहे अनुसंधान प्रस्तुत करते हैं और अभिमत प्राप्त करने और इस पर अधिक चर्चा के लिए इन्हें प्रसारित किया जाता है। इन पेपरों में व्यक्त विचार लेखकों के होते हैं, भारतीय रिज़र्व बैंक के नहीं होते हैं। अभिमत और टिप्पणियां कृपया लेखकों को भेजी जाएं। इन पेपरों के उद्धरण और उपयोग में इनके अनंतिम स्‍वरूप का ध्यान रखा जाए।


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