प्रेस प्रकाशनी

मार्च 2019 को समाप्त तिमाही में भारत का बाह्य ऋण

28 जून 2019

मार्च 2019 को समाप्त तिमाही में भारत का बाह्य ऋण

मानक पद्धति के अनुसार, मार्च और जून को समाप्त तिमाहियों के लिए भारत की बाह्य ऋण सांख्यिकी भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा एक तिमाही के अंतराल के साथ और सितंबर और दिसंबर में समाप्त होने वाली तिमाहियों के लिए वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी की जाती हैं। मार्च 2019 के अंत में रुपया और अमेरिकी डॉलर में बाह्य ऋण संबंधी आंकड़े तथा पहले की तिमाहियों के संशोधित आंकड़े क्रमशः विवरण 1 और 2 में दिए गए हैं। मार्च 2019 के अंत में भारत के बाह्य ऋण से संबंधित प्रमुख गतिविधियां नीचे प्रस्तुत हैं।

मुख्य-मुख्य बातें

मार्च 2019 के अंत में, भारत के बाह्य ऋण में मार्च 2018 के अंत में इसके स्तर से 2.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई, जिसका मुख्य कारण रहा वाणिज्यिक उधार, लघुकालिक ऋण और अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) की जमाराशियों में वृद्धि। बाह्य ऋण की मात्रा में वृद्धि मुख्य रूप से भारतीय रुपया और प्रमुख मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी डॉलर में मूल्यवृद्धि के परिणामस्वरूप होने वाले मूल्यनिर्धारण लाभ के कारण हुई। जीडीपी की तुलना में बाह्य ऋण का अनुपात मार्च 2019 के अंत में 19.7 प्रतिशत रहा जो मार्च 2018 के इसके 20.1 प्रतिशत के स्तर से थोड़ा कम रहा।

मार्च 2019 के अंत में भारत के बाह्य ऋण से संबंधित प्रमुख विशेषताएं नीचे प्रस्तुत हैं :

  • मार्च 2019 के अंत में, भारत का बाह्य ऋण 543.0 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा जिसमें मार्च 2018 के इसके स्तर से 13.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई (सारणी 1)।

  • भारतीय रुपया और प्रमुख मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी डॉलर की मूल्यवृद्धि के कारण मूल्यनिर्धारण लाभ 16.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। इसलिए मूल्यनिर्धारण प्रभाव को छोड़कर, बाह्य ऋण में वृद्धि मार्च 2018 के अंत में 13.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बजाय मार्च 2019 के अंत में 30.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर रही होगी।

  • वाणिज्यक उधार बाह्य ऋण का सबसे बड़ा घटक बना रहा जिसकी हिस्सेदारी 38.0 प्रतिशत रही, इसके बाद एनआरआई जमाराशियां (24.0 प्रतिशत) और लघुकालिक ट्रेड क्रेडिट (18.9 प्रतिशत) रहा।

  • मार्च 2019 के अंत में, दीर्घावधि ऋण (एक वर्ष से ऊपर की मूल परिपक्वता के साथ) 434.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा जिसमें मार्च 2018 के अंत में इसके स्तर में 7.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

  • कुल बाह्य ऋण में दीर्घावधि ऋण (मूल परिपक्तवता) की हिस्सेदारी मार्च 2019 के अंत में 80.0 प्रतिशत थी जो मार्च 2018 के इसके 80.7 प्रतिशत के स्तर से कम थी।

  • बाह्य ऋण में लघुकालिक ऋण (एक वर्ष तक की मूल परिपक्वता के साथ) की हिस्सेदारी मार्च 2018 के 19.3 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2019 के अंत में 20.0 प्रतिशत हो गई। विदेशी मुद्रा भंडारों की तुलना में लघुकालिक ऋण (मूल परिपक्वता) का अनुपात मार्च 2019 के अंत में बढ़कर 26.3 प्रतिशत हो गया (मार्च 2018 के अंत में 24.1 प्रतिशत)।

  • अवशिष्ट परिपक्वता आधार पर लघुकालिक ऋण (अर्थात ऋण देयताएं जिसमें मूल परिपक्वता वाला दीर्घावधि ऋण शामिल है जो अगले 12 महीनों के लिए देय है तथा मूल परिपक्वता वाला लघुकालिक ऋण शामिल है) की मार्च 2019 के अंत में कुल बाह्य ऋण में 43.4 प्रतिशत की हिस्सेदारी रही (मार्च 2018 के अंत में 42.0 प्रतिशत) तथा यह विदेशी मुद्रा भंडार का 57.0 प्रतिशत (मार्च 2018 में 52.3 प्रतिशत) रहा (सारणी 2)।

  • अमेरिकी डॉलर मूल्यवर्गांकित ऋण भारत के बाह्य ऋण का सबसे बड़ा घटक रहा जिसके हिस्सेदारी मार्च 2019 के अंत में 50.5 प्रतिशत थी, जिसके बाद भारतीय रुपया (35.7 प्रतिशत), एसडीआर (4.9 प्रतिशत), येन (5.0 प्रतिशत) और यूरो (3.0 प्रतिशत) रहे।

  • उधारकर्ता-वार वर्गीकरण दर्शाता है कि सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्रों का बकाया ऋण मार्च 2019 के अंत में कम हुआ (सारणी 3)।

  • ऋण सेवा भुगतान मार्च 2018 के अंत के 7.5 प्रतिशत की तुलना में मार्च 2019 के अंत में घटकर चालू प्राप्तियों का 6.4 प्रतिशत हो गया, जो बाह्य वाणिज्यिक उधारों की कम अदायगी दर्शाता है। (सारणी 4)

योगेश दयाल
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2018-2019/3077


सारणी 1: बाह्य ऋण – बकाया और घटबढ़
(बिलियन अमेरिकी डॉलर)
घटक मार्च के अंत में बकाया पूर्ण घटबढ़ प्रतिशत घटबढ़
2017 सं 2018 आंसं 2019 अ मार्च-17 की तुलना में मार्च- 18 मार्च-18 की तुलना में मार्च-19 मार्च-17 की तुलना में मार्च- 18 मार्च-18 की तुलना में मार्च-19
1 2 3 4 5 6 7 8
1. बहुपक्षीय 54.5 57.2 57.4 2.7 0.2 5.0 0.3
2. द्विपक्षीय 23.2 25.4 25.7 2.2 0.3 9.3 1.2
3. आईएमएफ 5.4 5.8 5.5 0.4 -0.3 6.9 -4.5
4. व्यापार क्रेडिट 9.6 9.5 7.9 -0.1 -1.5 -1.5 -16.2
5. वाणिज्यिक उधार 172.0 201.8 206.4 29.8 4.6 17.3 2.3
6. एनआरआई जमाराशियां 116.9 126.2 130.4 9.3 4.2 8.0 3.4
7. रुपया ऋण 1.2 1.2 1.2 0.0 -0.1 -1.2 -4.5
8. लघुकालिक ऋण 88.1 102.2 108.4 14.0 6.2 15.9 6.1
    जिसमें से:              
    लघुकालिक व्यापार क्रेडिट 86.5 100.4 102.4 13.9 2.0 16.1 2.0
कुल ऋण 471.0 529.3 543.0 58.3 13.7 12.4 2.6
मेमो मदें:              
क. दीर्घावधि ऋण (मूल परिपक्वता)@ 382.9 427.1 434.6 44.2 7.5 11.6 1.7
ख. लघुकालिक ऋण (मूल परिपक्वता)# 88.1 102.2 108.4 14.0 6.2 15.9 6.1
सं.: संशोधित आं.सं.: आंशिक संशोधित अ: अनंतिम
@: एक वर्ष से अधिक की मूल परिपक्वता वाला ऋण।
#: एक वर्ष तक की मूल परिपक्वता वाला ऋण

सारणी 2: मार्च 2019 के अंत में बाह्य ऋण बकाया की अवशिष्ट परिपक्वता
(बिलियन अमेरिकी डॉलर)
घटक एक वर्ष तक की लघु अवधि** दीर्घावधि कुल
(2 से 5)
1 से 2 वर्ष 2 से 3 वर्ष 3 वर्ष से अधिक
1 2 3 4 5 6
1. सॉवरेन ऋण (दीर्घावधि)$ 5.6 7.1 7.5 83.3 103.5
2. वाणिज्यिक उधार # 27.6 27.3 25.0 120.7 200.6
3. एनआरआई जमाराशियां {(i)+(ii)+(iii)} 93.9 15.5 11.6 9.4 130.4
    (i) एफसीएनआर(बी) 16.3 2.4 2.2 2.2 23.2
    (ii) एनआर(ई)आरए 64.2 12.0 8.8 7.0 92.0
    (iii) एनआरओ 13.3 1.0 0.7 0.3 15.2
4. लघुकालिक ऋण* (मूल परिपक्वता) 108.4       108.4
कुल (1 से 4) 235.5 49.9 44.1 213.5 543.0
मेमो मदें:          
कुल बाहरी ऋण के प्रतिशत के अनुसार अल्पकालिक ऋण (अवशिष्ट परिपक्वता) 43.4
आरक्षित निधियों के प्रतिशत के रूप में लघुकालिक ऋण (अवशिष्ट परिपक्वता) 57.0
$: सरकारी प्रतिभूतियों में एफपीआई निवेश सहित।
#: वाणिज्यिक उधार में ट्रेड क्रेडिट, कॉर्पोरेट ऋण लिखतों में एफपीआई निवेश और गैर-सरकारी बहुपक्षीय और द्विपक्षीय उधारों का एक हिस्सा शामिल है और इसलिए मूल परिपक्वता के अंतर्गत अन्य सारणियों में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों से शायद मेल न खाए।
*: इसमें मौजूदा कॉर्पोरेट ऋण सीमाओं के अंतर्गत आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियों (एआरसी) द्वारा जारी प्रतिभूति प्राप्तियों में एफपीआई निवेश शामिल है।.
**: अवशिष्ट परिपक्वता वाले लघुकालिक ऋण में अगले 12 माह के लिए देय होने वाला मूल परिपक्वता वाला दीर्घावधि ऋण तथा मूल परिपक्वता वाला लघुकालिक ऋण शामिल है।.

सारणी 3: सरकारी और गैर-सरकारी बाह्य ऋण
(बिलियन अमेरिकी डॉलर)
घटक मार्च समाप्ति
2016 2017 सं 2018 आंसं 2019 अ
1 2 3 4 5
क. सॉवरेन ऋण (I+II) 93.6 95.9 111.9 103.8
(जीडीपी के प्रतिशत के रूप में) 4.5 4.1 4.3 3.8
I. बाह्य सहायता के अंतर्गत सरकारी लेखा पर बाह्य ऋण 61.1 62.8 68.6 68.8
II. अन्य सरकारी बाह्य ऋण @ 32.5 33.1 43.4 35.0
ख. गैर-सरकारी ऋण # 391.2 375.1 417.4 439.2
(जीडीपी के प्रतिशत के रूप में) 18.8 15.8 15.9 16.0
ग. कुल बाह्य ऋण (क+ख) 484.8 471.0 529.3 543.0
(जीडीपी के प्रतिशत के रूप में) 23.4 19.9 20.1 19.7
सं.: संशोधित आं.सं.: आंशिक संशोधित अ: अनंतिम        
@: अन्य सरकारी बाह्य ऋण में रक्षा ऋण, खजाना बिल में निवेश/ एफपीआई, विदेशी केंद्रीय बैंकों, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और आईएमएफ द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश शामिल है।
#: मौद्रिक प्राधिकरण का बाह्य ऋण शामिल है।

सारणी 4: भारत के मुख्य बाह्य ऋण संकेतक
मार्च-अंत बाह्य ऋण (बिलियन अमेरिकी डॉलर) जीडीपी की तुलना में बाह्य ऋण का अनुपात (प्रतिशत) ऋण सेवा अनुपात
(प्रतिशत)
कुल ऋण में विदेशी मुद्रा भंडारों का अनुपात
(प्रतिशत)
कुल ऋण में रियायतप्राप्त ऋण का अनुपात
(प्रतिशत)
विदेशी मुद्रा भंडारों की तुलना में लघुकालिक ऋण
(प्रतिशत)
कुल ऋण की तुलना में लघुकालिक ऋण (वास्तविक परिपक्वता) का अनुपात
(प्रतिशत)
1 2 3 4 5 6 7 8
1991 83.8 28.7 35.3 7.0 45.9 146.5 10.2
1996 93.7 27.0 26.2 23.1 44.7 23.2 5.4
2001 101.3 22.5 16.6 41.7 35.4 8.6 3.6
2006 139.1 16.8 10.1# 109.0 28.4 12.9 14.0
2007 172.4 17.5 4.7 115.6 23.0 14.1 16.3
2008 224.4 18.0 4.8 138.0 19.7 14.8 20.4
2009 224.5 20.3 4.4 112.2 18.7 17.2 19.3
2010 260.9 18.2 5.8 106.9 16.8 18.8 20.1
2011 317.9 18.2 4.4 95.9 14.9 21.3 20.4
2012 360.8 21.1 6.0 81.6 13.3 26.6 21.7
2013 409.4 22.4 5.9 71.3 11.1 33.1 23.6
2014 446.2 23.9 5.9 68.2 10.4 30.1 20.5
2015 474.7 23.9 7.6 72.0 8.8 25.0 18.0
2016 484.8 23.4 8.8 74.3 9.0 23.2 17.2
2017 R 471.0 19.9 8.3 78.5 9.4 23.8 18.7
2018 PR 529.3 20.1 7.5 80.2 9.1 24.1 19.3
2019 P 543.0 19.7 6.4 76.0 8.7 26.3 20.0
सं.: संशोधित आं.सं.: आंशिक संशोधित अ: अनंतिम
#: 6.3 प्रतिशत निकलता है जिसमें 7.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर की इंडिया मिलेनियम जमाराशियों की अदायगी और 23.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बाह्य ऋण की चुकौती शामिल नहीं है।

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