प्रेस प्रकाशनी

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27 सितंबर 2018

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वित्तीय बाजारों के अपने आकलन के आधार पर, भारतीय रिज़र्व बैंक ने पिछले कुछ दिनों में अनेक अग्रसक्रिय कदम उठाए हैं।

रिज़र्व बैंक ने 19 और 27 सितंबर 2018 को लगातार दो सप्ताहों में खुला बाजार परिचालन (ओएमओ) आयोजित किया/आयोजित करेगा।

अधिक चेतावनी के रूप में, रिज़र्व बैंक ने चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) के माध्यम से साधारण प्रावधान के अतिरिक्त मीयादी रेपो के माध्यम से उदार मात्रा में चलनिधि भी उपलब्ध कराई है।

26 सितंबर तक बैंकों ने मीयादी रेपो के माध्यम से रिज़र्व बैंक से 1.88 ट्रिलियन प्राप्त किया था।

इन कदमों के परिणामस्वरूप, प्रणालीगत चलनिधि का पर्याप्त अधिशेष है।

इसके अतिरिक्त, चलनिधि कवरेज़ अनुपात के लिए चलनिधि प्राप्त करने की सुविधा (एफएएलएलसीआर) में 1 अक्तूबर 2018 से प्रभावी आज घोषित की गई वृद्धि जो मौजूदा 11 प्रतिशत से 13 प्रतिशत की गई है, से एसएलआर से तैयार की गई निधि (कार्व आउट) बैंकों के एनडीटीएल का 15 प्रतिशत हो जाएगी। इससे आवश्यकता पड़ने पर उच्च गुणवत्ता संपार्श्विक के एवज में रेपो बाजारों से चलनिधि प्राप्त करने के लिए अलग-अलग बैंकों की क्षमता पुष्ट होनी चाहिए। इससे आगे संपूर्ण वित्तीय प्रणाली में चलनिधि के वितरण में सुधार होने में मदद मिलेगी।

आगे, रिज़र्व बैंक उभरती चलनिधि और बाजार स्थितियों के अपने गतिशील आकलन के आधार पर उपलब्ध विभिन्न लिखतों के माध्यम से प्रणाली की टिकाऊ चलनिधि आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार है।

जोस जे. कट्टूर
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी : 2018-2019/714


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