प्रेस प्रकाशनी

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20 फरवरी 2018

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भारतीय रिज़र्व बैंक देश में पर्यवेक्षी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए अपने चालू प्रयासों के भाग के रूप में विवेकपूर्ण पर्यवेक्षी चिंता के विभिन्न मुद्दों पर समय-समय पर बैंकों को आवश्यक अनुदेश जारी कर रहा है, इसमें बैंकों के कार्यसंचालन के अंतर्निहित परिचालनात्मक जोखिमों का प्रबंधन शामिल है। बैंकों द्वारा अपनी असली कारोबारी आवश्यकताओं के लिए सृजित स्विफ्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के संभावी गलत उपयोग से उत्पन्न होने वाले जोखिम हमेशा से ही उनके परिचालनात्मक जोखिम प्रोफाइल का घटक रहे हैं। इसलिए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने गोपनीय रूप से बैंकों को अगस्त 2016 से कम से कम तीन अवसरों पर ऐसे संभावित दुरुपयोग के बारे में सावधान और अलर्ट किया था, जिसमें उन्हें सूचित किया गया था कि वे ऐसी घटनाओं की पूर्व-अपेक्षाओं के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक के संप्रेषण में दिए गए ब्यौरो के अनुसार बचाव उपाय लागू करें। तथापि, बैंक ऐसे उपायों के कार्यान्वयन के विभिन्न स्तरों पर रहे हैं।

2. स्विफ्ट से संबंधित धोखाधड़ी जिसमें बड़ी राशि शामिल है, जैसाकि हाल ही में पंजाब नेशनल बैंक द्वारा सूचित किया गया है, को देखते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अपने गोपनीय अनुदेशों को दुहराया है तथा बैंकों को अधिदेश दिया है कि वे बैंकों में स्विफ्ट परिचालन परिवेश के सुदृढ़ीकरण के लिए निर्धारित उपायों को निर्धारित तारीखों के अंदर इसे लागू करें।

3. इसके अतिरिक्त, परिसंपत्ति वर्गीकरण और बैंकों के क्रेडिट पोर्टफोलियो में प्रावधानीकरण में देखे गए बड़े विचलन तथा भारतीय बैंकिंग प्रणाली में धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, यह निर्णय लिया गया है कि भारतीय रिज़र्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड के पूर्व सदस्य श्री वाई.एच. मालेगाम की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाए जो बैंकों में परिसंपत्ति वर्गीकरण और प्रावधानीकरण में देखे गए उच्च विचलन के कारणों तथा भारतीय रिज़र्व बैंक के पर्यवेक्षी आकलन और इससे बचने के लिए आवश्यक कदमों, बैंकों में धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं के कारकों और इसे नियंत्रित करने तथा रोकने के लिए आवश्यक उपायों (आईटी हस्तक्षेप सहित), और ऐसे विचलन तथा धोखाधड़ी की घटनाओं को कम करने में बैंकों में कराई जाने वाली विभिन्न प्रकार की लेखापरीक्षाओं की भूमिका और प्रभावशीलता की जांच करेगी।

4. समिति के सदस्यों में शामिल होंगेः श्री भरत दोशी, सदस्य, केंद्रीय निदेशक बोर्ड, भारतीय रिज़र्व बैंक, श्री एस रमन, पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, कैनरा बैंक तथा पूर्व पूर्णकालिक सदस्य, सेबी और श्री नंदकुमार सरावड़े, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, रिज़र्व बैंक सूचना प्रौद्योगिकी प्रा. लिमिटेड (रेबिट)। श्री ए.के. मिश्रा, कार्यपालक निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक इस समिति के सदस्य-सचिव होंगे।

जोस जे. कट्टूर
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2017-2018/2249


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