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भारतीय रिज़र्व बैंक ने निवासियों द्वारा पण्य-वस्तुओं के मूल्य जोखिम की हेजिंग संबंधी कार्यसमूह की रिपोर्ट पर अभिमत/फीडबैक मांगे

16 नवंबर 2017

भारतीय रिज़र्व बैंक ने निवासियों द्वारा पण्य-वस्तुओं के मूल्य जोखिम की हेजिंग संबंधी
कार्यसमूह की रिपोर्ट पर अभिमत/फीडबैक मांगे

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अपनी वेबसाइट पर निवासियों द्वारा पण्य-वस्तुओं के मूल्य जोखिम की हेजिंग संबंधी कार्यसमूह (अध्यक्षः श्री चंदन सिन्हा, पूर्व कार्यपालक निदेशक, आरबीआई) की रिपोर्ट उपलब्ध कराई है। इस रिपोर्ट पर सुझाव/अभिमत, यदि कोई हो, निम्नलिखित को 15 दिसंबर 2017 तक भेजे जा सकते हैं:

मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय रिज़र्व बैंक,
वित्तीय बाजार विनियमन विभाग,
पहली मंजिल, मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय,
शहीद भगत सिंह मार्ग,
मुंबई – 400001

या विषय लाइनः पण्य-वस्तुओं के मूल्य जोखिम की हेजिंग पर फीडबैक के साथ ई-मेल किए जा सकते हैं।

पृष्ठभूमि:

भारतीय अर्थव्यवस्था के विश्व अर्थव्यवस्था के साथ बढ़ते एकीकरण और बढ़ते सीमापार व्यापार से पण्य-वस्तुओं के मूल्य जोखिम पर भारतीय संस्थाओं का एक्सपोज़र बढ़ गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक हमारी घरेलू पण्य-वस्तु डेरिवेटिव बाजार के विकास चरण के दौरान समुद्रपारीय बाजारों में निवासियों द्वारा पण्य-वस्तुओं के मूल्य जोखिम की हेजिंग के लिए दिशानिर्देशों की समीक्षा करने हेतु एक कार्यसमूह का गठन किया है जिसके विचारार्थ विषय निम्नानुसार होंगे:

  1. निवासी संस्थाओं द्वारा सामना किए जाने वाले जोखिमों और उनकी हेजिंग आवश्यकताओं का आकलन करना,

  2. हेजिंग आवश्यकताओं अर्थात पण्य-वस्तुओं, सहभागियों और उत्पादों का कवरेज के संबंध में मौजूदा विनियामकीय फ्रेमवर्क में अंतरालों की पहचान करना,

  3. पण्य-वस्तुओं के जोखिमों की समुद्रपारीय हेजिंग के लिए विनियामकीय व्यवस्था के मार्गदर्शन के लिए व्यापक सिद्धांतों का सुझाव देना,

  4. विदेशों में निवासियों के लिए पण्य-वस्तु जोखिम की हेजिंग के लिए संशोधित फ्रेमवर्क की सिफारिश करना,

  5. कोई अन्य संबंधित मामला।

जोस जे. कट्टूर
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2017-2018/1358


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