अधिसूचनाएं

कृषि के डेरी खण्ड और उससे संबद्ध कार्यकलापों के अंतर्गत ऋण – कृषि को अप्रत्यक्ष वित्त के अंतर्गत मानना

आरबीआई/2011-12/306
ग्राआऋवि.केका.प्लान.बीसी. 43/ 04.09.01/2011-12

19 दिसंबर 2011

अध्यक्ष / प्रबंध निदेशक / मुख्य कार्यपालक अधिकारी
(सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर)

महोदय / महोदया,

कृषि के डेरी खण्ड और उससे संबद्ध कार्यकलापों के अंतर्गत
ऋण – कृषि को अप्रत्यक्ष वित्त के अंतर्गत मानना

कृपया प्राथमिकता क्षेत्र को उधार पर दिनांक 1 जुलाई 2011 के हमारे परिपत्र ग्राआऋवि. केका. प्लान. बीसी.सं. 10 / 04.09.01/2011-12 का पैरा 1.3.2 देखें जिसमें कृषि और उससे संबद्ध कार्यकलापों के अंतर्गत खाद्य एवं कृषि आधारित प्रसंस्करण में कार्यरत अलग-अलग किसानों के अलावा संस्थाओं को प्रदत्त बैंक ऋण, कृषि को अप्रत्यक्ष वित्त के रूप में माना जाता है।

2. जिलों में डेरी विकास को बढ़ावा देने वाली वित्तीय गतिविधियों पर एक संदेह जताया गया है। चूंकि डेरी खण्ड (प्राप्ति, भंडारण, प्रसंस्करण, संग्रहण, परिवहन आदि सहित) के अंतर्गत ऋण मुख्यतः छोटे और सीमांत किसानों तथा सूक्ष्म इकाइयों को लाभ पहुँचाता है, इसलिए अब यह निर्णय लिया गया है कि ऐसे सभी कार्यकलापों जो डेरी कारोबार के विकास में योगदान देते हो, उसे प्रदान बैंक ऋण को प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत कृषि हेतु अप्रत्यक्ष वित्त के रूप में माना जाएगा। तथापि, बैंकों द्वारा यह सुनिश्चित करने हेतु उचित ध्यान दिया जाए कि अंतिम लाभार्थी वे किसान हैं जो डेरी उद्योग में कार्यरत है और जो ऐसे निवेशों से लाभान्वित होंगे।

भवदीया

( दीपाली पन्त जोशी )
प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक


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