मास्टर परिपत्र

बैंककारी वि‍नि‍यमन अधि‍नि‍यम, 1949 की धारा 23 - शाखा प्राधि‍करण पर मास्टर परि‍पत्र

आरबीआइ/2011-12/100
बैंपवि‍वि‍. सं. बीएल.बीसी. 33/22.01.001/2011-12

1 जुलाई 2011
10 आषाढ़ 1933(शक)

सभी वाणि‍ज्य बैंक
(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर)

महोदय

बैंककारी वि‍नि‍यमन अधि‍नि‍यम, 1949 की धारा 23 - शाखा प्राधि‍करण पर मास्टर परि‍पत्र

कृपया 1 जुलाई 2010 का मास्टर परि‍पत्र बैंपवि‍वि‍. सं. बीएल. बीसी. 8/22.01.001/ 2010-11 का संदर्भ लें जि‍समें 30 जून 2010 तक बैंकों को शाखा प्राधि‍करण पर जारी अनुदेशों/ दि‍शानि‍र्देशों को समेकि‍त कि‍या गया है। उपर्युक्त मास्टर परि‍पत्र को 30 जून 2011 तक जारी अनुदेशों को शामि‍ल करते हुए यथोचि‍त रूप से अद्यतन कर दि‍या गया है। संशोधि‍त मास्टर परि‍पत्र की प्रति‍ संलग्न है। यह मास्टर परि‍पत्र भारतीय रि‍ज़र्व बैंक की वेबसाइट (http://www.rbi.org.in) पर भी उपलब्ध है।

2.  वि‍देशी बैंक इस मास्टर परि‍पत्र के पैरा 20 से मार्गदर्शन प्राप्त करें।

भवदीय

(ए. के. खौंड)
मुख्य महाप्रबंधक

अनुलग्नक : यथोक्त


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