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मास्टर परिपत्र

अपने ग्राहक को जानि‍ए मानदंड/धनशोधन नि‍वारण मानक/आतंकवाद के वि‍त्तपोषण का प्रति‍रोध / धनशोधन नि‍वारण अधि‍नि‍यम ( पी एल एम ए) , 2002 के अन्तर्गत बैंकों के दायि‍त्व से संबंधि‍त मास्टर परि‍पत्र

आरबीआइ/2011-12/72
बैंपवि‍वि.एएमएल. बीसी. सं. 2 /14.01.001/2011-12

1 जुलाई 2011
10 आषाढ़ 1933 (शक)

अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधि‍कारी
सभी अनुसूचि‍त वाणि‍ज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर)
अखि‍ल भारतीय वि‍त्तीय संस्थाएं/ स्थानीय  क्षेत्र बैंक

महोदय

'अपने ग्राहक को जानि‍ए' मानदंड/धनशोधन नि‍वारण मानक/आतंकवाद के वि‍त्तपोषण का प्रति‍रोध / धनशोधन नि‍वारण अधि‍नि‍यम ( पी एल एम ए) , 2002 के अन्तर्गत बैंकों के दायि‍त्व से संबंधि‍त मास्टर परि‍पत्र

कृपया 1 जुलाई 2010 का हमारा मास्टर परि‍पत्र संदर्भ सं. बैंपवि‍वि‍.एएमएल .बीसी.सं. 2/ 14.01.001/ 2010-11 देखें जि‍समें 'अपने ग्राहक को जानि‍ए' मानदंड/धनशोधन नि‍वारण मानक/आतंकवाद के वि‍त्तपोषण का प्रति‍रोध / धनशोधन नि‍वारण अधि‍नि‍यम ( पी एल एम ए), 2002 के अन्तर्गत बैंकों के दायि‍त्व के संबंध में 30 जून 2010 तक बैंकों को जारी अनुदेशों/ दि‍शानि‍र्देशों को समेकि‍त कि‍या गया था । इस मास्टर परि‍पत्र में 'अपने ग्राहक को जानि‍ए' मानदंड/धनशोधन नि‍वारण मानक/आतंकवाद के वि‍त्तपोषण का प्रति‍रोध / धनशोधन नि‍वारण अधि‍नि‍यम ( पी एल एम ए), 2002 के अन्तर्गत बैंकों के दायि‍त्व के संबंध में 30 जून 2011 तक जारी अनुदेशों का समेकन कि‍या गया है।

2. इस मास्टर परि‍पत्र को भारतीय रि‍ज़र्व बैंक की वेबसाइट (http://www.rbi.org.in) पर प्रदर्शि‍त कि‍या गया है ।

भवदीय

(दीपक सिंघल)
 मुख्य महाप्रबंधक


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