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वित्तीय बाजार

सुचारू ढ़ंग से कार्य करने वाले, चलनिधि युक्त और लचीले वित्तीय बाजार मौद्रिक नीति अंतरण और भारत के विकास के वित्तपोषण में अपरिहार्य जोखिमों के आवंटन और अवशोषण में सहायता करते हैं।

प्रेस प्रकाशनी


विदेशी मुद्रा जोखिम की बचाव व्यवस्था (हेजिंग) - अंतिम निदेश

07 अप्रैल 2020

विदेशी मुद्रा जोखिम की बचाव व्यवस्था (हेजिंग) - अंतिम निदेश

फरवरी 2019 में सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए "निवासियों और अनिवासियों द्वारा विदेशी मुद्रा जोखिम हेजिंग" सुविधाओं की समीक्षा करने वाले विनियम मसौदा जारी किए गए थे। जैसाकि 5 दिसंबर 2019 के विकासात्मक और विनियामकीय नीतियों से संबंधित वक्तव्य में कहा गया है, सार्वजनिक रूप से प्राप्त टिप्पणियों और ऑफशोर रुपया बाज़ार पर कार्य बल की सिफारिशों के आधार पर, निदेशों को अब अंतिम रूप दे दिया गया है। भारत के राजपत्र में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) विनियमों में प्रस्तावित संशोधनों की अधिसूचना के अनुसरण में, आज अंतिम निदेश जारी किए जा रहे हैं, जो 1 जून 2020 से लागू होंगे।

उक्त निदेशों का उद्देश्य अन्य बातों के साथ-साथ घरेलू विदेशी मुद्रा व्युत्पन्नी(डेरिवेटिव) बाजारों तक पहुँच को निम्नलिखित माध्यम से आसान बनाना है :

  1. सभी उपयोगकर्ताओं के लिए निवासियों और अनिवासियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को एकल एकीकृत सुविधा में विलय करना;

  2. वैध एक्सपोज़र रखने वाले उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध किसी साधन का उपयोग करते हुए अपने एक्सपोज़रों को हेज करने की अनुमति देना;

  3. प्रत्याशित एक्सपोज़र को हेज करने की सुविधा शुरू करना; तथा

  4. विदेशी मुद्रा व्युत्पन्नी (डेरिवेटिव) प्रस्तुत (ऑफर) करने के लिए प्राधिकृत व्यापारियों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाना।

जोखिम प्रबंधन और अंतर बैंक लेन-देन पर मास्टर निदेश के भाग ए- धारा I और II में वर्तमान निदेशों के स्थान पर उक्त निदेशों को प्रयोग में लाया जाएगा।

(योगेश दयाल) 
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी : 2019-2020/2188

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