शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

प्रेस प्रकाशनी


बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी सोसायटियों पर यथालागू) की धारा 35क के अंतर्गत निर्देश – रूपी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पुणे, महाराष्ट्र

30 अगस्त 2019

बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी सोसायटियों पर यथालागू) की धारा 35क के अंतर्गत निर्देश –
रूपी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पुणे, महाराष्ट्र

रूपी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पुणे, महाराष्ट्र को दिनांक 21 फ़रवरी 2013 के निर्देश के माध्‍यम से दिनांक 22 फ़रवरी 2013 की कारोबार समाप्ति से निर्देशाधीन रखा गया था। निर्देशों की वैधता को समय समय पर बढाया गया और पिछली बार इन निर्देशों की अवधी को दिनांक 27 मई 2019 के आदेश के माध्यम से बढाया गया और ये निर्देश दिनांक 31 अगस्त 2019 तक वैध तथा समीक्षाधीन हैं।

जन साधारण की सूचनार्थ सूचित किया जाता है कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उपधारा (1) में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतद्द्वारा निर्देश जारी किए हैं कि दिनांक 21 फ़रवरी 2013 के बैंक को जारी एवं समय-समय पर यथासंशोधित निर्देश जिसकी वैधता अवधि दिनांक 31 अगस्त 2019 तक बढाई गई थी, अब दिनांक 28 अगस्त 2019 के निर्देश के अनुसार दिनांक 01 सितम्बर 2019 से दिनांक 30 नवम्बर 2019 तक आगे तीन महीनों के लिए वैध तथा समीक्षाधीन रहेंगे। संदर्भाधीन निर्देश के अन्य नियम और शर्ते अपरिवर्तित रहेगी।

उपरोक्त वैधता को सूचित करनेवाले दिनांक 28 अगस्त 2019 के निर्देश की एक प्रति बैंक के परिसर में जनता की सूचना के लिए लगाई गई है।

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उपरोक्त वैधता बढाने या/ और संशोधित करने का यह अर्थ न लगाया जाए कि भारतीय रिज़र्व बैंक, बैंक की वित्तीय स्थिति में वास्तविक सुधार से संतुष्ट है।

योगेश दयाल  
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2019-2020/577

2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख
Server 214
शीर्ष