शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

प्रेस प्रकाशनी


बैंकिंग विनियमन अधिनियम (एएसीएस), 1949 की धारा 35क के तहत निर्देश- दि अडूर सहकारी शहरी बैंक लिमिटेड, अडूर, केरल- जमा खातों की आहरण सीमा में छूट

20 अगस्त 2019

बैंकिंग विनियमन अधिनियम (एएसीएस), 1949 की धारा 35क के तहत निर्देश-
दि अडूर सहकारी शहरी बैंक लिमिटेड, अडूर, केरल- जमा खातों की आहरण सीमा में छूट

भारतीय रिजर्व बैंक ने दिनांक 02 नवंबर 2018 के निर्देश के अनुसार अडूर सहकारी शहरी बैंक लिमिटेड, अडूर, केरल को निर्देशाधीन रखा था। निर्देशों के अनुसार, जमाकर्ताओं को भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशों में निर्धारित शर्तों के अधीन, प्रत्येक बचत बैंक या चालू खाते या किसी अन्य जमा खाते में रखी गई कुल शेष राशि में से राशि निकालने की अनुमति दी गई थी जो 2000 (केवल दो हजार रुपये) से अधिक नहीं हो।

भारतीय रिजर्व बैंक ने उक्त बैंक की वित्तीय स्थिति की समीक्षा की है और जनहित में उपर्युक्त निर्देशों में संशोधन करना आवश्यक समझा है। तदनुसार, बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 की उपधारा (1) के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिनांक 13 अगस्त 2019 के निर्देश को संशोधित करते हुए, भारतीय रिजर्व बैंक एतद्द्वारा निर्देश देता है कि अडूर सहकारी शहरी बैंक लिमिटेड, अडूर को दिनांक 02 नवंबर 2018 को जारी निर्देश के पैरा 1(i) में संशोधन किया जाए और इसके बाद जमाकर्ताओं को प्रत्येक बचत बैंक या चालू खाते या किसी अन्य जमा खाते में कुल शेष राशि में से 25,000/- (पच्चीस हजार रूपए मात्र) से अनधिक राशि, के आहरण की अनुमति दी जाती है, जो दिनांक 13 अगस्त 2019 के भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देश में निर्धारित शर्तों के अधीन होगी। 2 नवंबर 2018 के जारी निर्देश के अन्य नियम और शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी।

योगेश दयाल
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2019-2020/477

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