गैर-बैंकिंग वित्‍तीय कंपनियां

यद्यपि यह भूमिका हमारी गतिविधियों का एक ऐसा पहलू है, जिसके संबंध में स्‍पष्‍ट रूप से कहीं उल्‍लेख तो नहीं है, किंतु अति महत्‍वपूर्ण गतिविधियों की श्रेणी में इसकी गिनती की जाती है। इसके अंतर्गत अर्थव्‍यवस्‍था के उत्‍पादक क्षेत्रों को ऋण उपलब्‍धता सुनिश्चित करना, देश की वित्‍तीय मूलभूत संरचना के निर्माण हेतु संस्‍थाओं की स्‍थापना करना, किफायती वित्‍तीय सेवाओं की सुलभता बढ़ाना तथा वित्‍तीय शिक्षण एवं साक्षरता को बढ़ावा देना आदि शामिल हैं।

प्रेस प्रकाशनी


01 जुलाई 2019 से शुरू होनेवाली तिमाही के लिए एनबीएफसी-एमएफआई द्वारा प्रभारित होने वाली औसत आधार दर

28 जून 2019

01 जुलाई 2019 से शुरू होनेवाली तिमाही के लिए
एनबीएफसी-एमएफआई द्वारा प्रभारित होने वाली औसत आधार दर

भारतीय रिजर्व बैंक ने आज यह सूचित किया है कि 01 जुलाई 2019 से शुरू होने वाली तिमाही के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस (एनबीएफसी-एमएफआई) द्वारा अपने उधारकर्ताओं के लिए प्रभारित लागू औसत आधार दर 9.18 प्रतिशत होगी।

यह स्मरण होगा कि रिज़र्व बैंक ने ऋण के मूल्य निर्धारण के संबंध में एनबीएफसी-एमएफआई को 7 फरवरी 2014 को जारी अपने परिपत्र में कहा था कि रिज़र्व बैंक एनबीएफसी-एमएफआई द्वारा आगामी तिमाही में अपने उधारकर्ताओं से वसूली जानेवाली ब्याज दरों को नियत करने के उद्देश्य से प्रत्येक तिमाही के अंतिम कार्य दिवस पर पांच सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंकों के औसत आधार दर को सूचित करेगा।

अजीत प्रसाद
सहायक परामर्शदाता

प्रेस प्रकाशनी : 2018-2019/3072

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